कोटेदारी तय करने के लिए शनिवार को दोपहर नूरियोसराय गांव में मतदान हुआ। वोटों की गिनती के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए। गिनती पूरी होने के बाद परिणाम घोषित करने की बारी आई तो दोनों पक्षों में गाली-गलौच हुई और टकराव होने लगा। देखते ही देखते पुलिस और पीएसी के सामने ही पत्थर चले। फायरिंग की गई। अफरातफरी के साथ दहशत भरा माहौल बन गया। एक मौका तो ऐसा आया जब पुलिस वालों को जान बचाने के भाग पड़ा। जब बवाल की सूचना अधिकारियों को मिली तो तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची इसके बाद उपद्रव करने वालों को खदेड़ा गया। बवाल और भगदड़ में पीएसी के जवान को चोट आई है।
नूरियोसराय संभल नगर की सीमा से जुड़ा हुआ है। इसकी दूरी मात्र एक किलोमीटर है। नूरियो सराय सरकारी प्राइमरी स्कूल में राशन कोटे के लिए प्रस्ताव होना था। विकास खंड के एडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी गांव भेजे गए थे। मौके पर कोटेदार बनने के लिए दो महिला दावेदार उभर कर सामने आईं। एक दावेदार कफीला पत्नी वसीम और दूसरी दावेदार शबनम पत्नी नफीस थीं। इन दोंनों के समर्थक एक ही परिसर में अलग-अलग बैठाए गए। इसके बाद मतदान कराया गया।
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मतदान के बाद गिनती की जा रही थी इसी दौरान टकराव हो गया। परिणाम घोषित होने से पहले ही पथराव होने लगा और कुछ ही देर में गोलियां चल गईं। भगदड़ मच गई। मौके पर पुलिस और पीएसी तैनात थी। पुलिस और पीएसी के जवानों ने उपद्रव करने वालों को खदेड़ा लेकिन कुछ लोग ऐसे थे जो पुलिस के सामने भी भिड़ने को आगे बढ़ रहे थे।
करीब एक घंटे तक अफरातफरी और भगदड़ भरा माहौल रहा। एक मौका तो ऐसा आया जब पुलिसवालों को लेने के देने पड़ गए। फायरिंग के वक्त तो जान बचाना मुश्चिल हो रहा था। हालांकि कोई पब्लिक में घायल नहीं हुआ है लेकिन पीएसी के एक जवान को चोट आई है। वह उस वक्त गिरा जब पथराव चल रहा था और पत्थर से बचने को वह झुका उसमें उसका संतुलन बिगड़ गया और उसे घुटने में चोट लग गई। साथ के जवानों ने उसे उठाया। पंवासा के खंड विकास अधिकारी कुलदीप राना ने बताया कि कोटेदारी पर फैसला नहीं हो सका है। अब नई तिथि लगेगी क्योंकि जब मतदान के बाद जब मतगणना हो रही थी तभी बवाल हो गया और कर्मचारियों को जान बचाना भारी पड़ गया था।