संभल। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) जिले के 14 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित होनी थी। पहली पाली सुबह दस बजे से शुरू हुई। करीब 40 मिनट बाद ही सभी केंद्रों पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने मैसेज भेजा कि पेपर लीक हो गया है। शासन स्तर से परीक्षा रद्द कर दी गई है। इस जानकारी को पहुंचने में परीक्षा कक्ष तक एक मिनट लगा और सभी अभ्यर्थियों के होश उड़ गए।
रविवार को जिले में टीईटी में 11,203 अभ्यर्थी शामिल होने थे। परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले सभी परीक्षा केंद्रों के गेट खोल दिए गए थे। गाइड लाइन के अनुसार ही प्रवेश कराया था। पहली पाली में सुबह दस बजे परीक्षा शुरू हुई। करीब 40 मिनट बाद परीक्षा पेपर लीक होने की जानकारी और परीक्षा रद्द होने की सूचना अभ्यर्थियों को दी गई। जानकारी मिलने के बाद तमाम अभ्यर्थी मायूस हो गए। सबसे ज्यादा परेशान महिलाएं नजर आईं। दूरदराज से आए लोगों ने अपनी परेशानी को बयान किया। एक सुर में ज्यादातर अभ्यर्थी व्यवस्था को कोसते दिखाई दिए।
सुबह 9 बजे परीक्षा केंद्र आ गए थे। पेपर भी सही आया था और इसकी तैयारी भी अच्छी थी। पेपर करने के दौरान ही परीक्षा रद्द होने की जानकारी मिली।
लकी सक्सेना, चंदौसी
सुबह साढ़े 9 बजे सर्दी में परीक्षा केंद्र पर आ गए थे। पूरी रात तैयारी की थी। परीक्षा देते समय ही रद्द होने की जानकारी मिली और पूरी तैयारी पर पानी फिर गया। इससे सभी अभ्यर्थी मायूस हुए हैं।
सांची अग्रवाल, चंदौसी
सुबह 5 बजे से बस का इंतजार किया। सात बजे बस मिली तो संभल पहुंचे। तैयारी में रात से सुबह तक लगे रहे। पेपर देखकर भी लगा कि तैयारी ठीक हो गई है। इसी दौरान परीक्षा रद्द होने की जानकारी केंद्र में पहुंची। पेपर लीक होने के लिए व्यवस्था जिम्मेदार है। इसका खामियाजा अभ्यार्थी क्यों भुगतते हैं।
अंकित, चंदौसी
बच्चे घर पर छोड़कर आए थे। सर्दी के मौसम में सफर करना भी मुश्किल होता है। पेपर रद्द होने से समय और तैयारी बर्बाद हो गए हैं। जो तैयारी की थी वह ऐसे ही अधूरी रह गई। अब पेपर कब होगा और कैसा होगा।
अनुज्ञा शर्मा, बहजोई
पेपर रद्द होने के बाद बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा है। सुबह साढ़े दस बजे तक मैंने 35 सवाल हल कर लिए थे। मगर कोई बात नहीं एक माह बाद संपन्न होने वाली परीक्षा दूंगा।
अंकित सागर, चंदौसी
अगर सरकार को पेपर रद्द ही करना था तो अभ्यर्थियों से पूरा पेपर हल कराने के बाद ही रद्द करना चाहिए था। परीक्षा के बीच में पेपर रद्द होने से अभ्यर्थियों का मनोबल कम हुआ है।
प्राची, चंदौसी
टीईटी का पेपर बहुत ही आसान आया था। जिससे पेपर देते समय मन खुश था। मगर साढ़े दस बजे सूचना आई की पेपर रद्द हो गया। इसके बाद बहुत बुरा लग रहा है।
अवनीत कुमार सक्सेना, चंदौसी
पेपर रद्द होना अभ्यर्थियों के लिए बुरा संकेत है। मेरे कक्ष में पेपर मिलने के बाद सभी अभ्यर्थी खुश नजर आ रहा थे। क्योंकि सभी पेपर को आसानी से हल करने में सक्षम थे।
शमीला, संभल