संभल। जिले के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। समिति के पदाधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। परिक्रमा पांच नवंबर की सुबह वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक से परिक्रमा शुरू होगी। इसके लिए चार नवंबर की रात्रि ही भक्त पहुंच जाएंगे।
चौबीस कोसीय संभल तीर्थ परिक्रमा समिति के प्रभारी राजेश सिंघल ने बताया कि वंश गोपाल कल्किधाम परिसर में टैंट लगवाया जा रहा है। इसी टैंट में परिक्रमा करने वाले भक्तों को ठहराया जाएगा। क्षेमनाथ तीर्थ परिसर के आसपास विशेष साफ-सफाई कराई जा रही है। जबकि चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन में भी तैयारियां अंतिम दौर में हैं। संरक्षक कमलकांत तिवारी ने बताया कि वंश गोपाल कल्किधाम तीर्थ परिसर से पांच नवंबर सुबह चार बजे साधु-संतों की मौजूदगी में भक्तों को तिलक लगाकर और धर्म ध्वजा फहराकर फेरी के लिए रवाना किया जाएगा। भक्तों की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर लगाए जा रहे हैं। बताया कि परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया गया है। इसका कार्य अंतिम दौर में है। तीर्थ यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। वंश गोपाल कल्कि धाम मंदिर के महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज ने बताया कि परिक्रमा के समापन पर मेला लगेगा। इसके लिए परिसर को साफ कराया जा रहा है। स्नान के लिए तीर्थ कुंड परिसर को भी साफ कराया गया है।