चंदौसी(संभल)। मुंसिफ रोड के टांडा हाउस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को भगवान कृष्ण की गोवर्धन लीला और कथा का महत्व बताया गया। कथा वाचक ने श्रद्धालुओं से भक्ति के मार्ग पर चलने की अपील की। बताया कि माता-पिता के चरणों से बढ़ा और कोई तीर्थ नहीं है।
कथा व्यास अशोक दीक्षित ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण करने से जीवन में सुख शांति का समावेश होता है। धर्म के प्रति आस्था बढ़ती है। इसलिए इस कथा को सुनने का अवसर कभी भी नही छोड़ना चाहिए। कथा व्यास ने माता-पिता की सेवा का महत्व बताते हुए कहा कि जिस ने भी माता पिता की निस्वार्थ भाव से सेवा कर ली। समझ लो उसने सभी तीर्थों की यात्रा करली। माता-पिता के चरणों में ही तीर्थ है।
कथा वाचक ने बताया कि एक बार ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोडकर गोवर्धन की पूजा शुरू कर दी तो इंद्र ने कुपित होकर गोकुल पर मूसलाधार बारिश की, तब श्रीकृष्ण भगवान ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर ब्रज के लोगों की रक्षा की।
इस अवसर पर दिलावर सिंह, संजय सिंह, नवनीत सिंह, अमित कुमार, ललित कुमार, महेंद्र सिंह, प्रांजल सिंह, डॉ. अतुल, डॉ. मुकेश वार्ष्णेय, नटवरलाल शर्मा, सतपाल सिंह, संतराम सिंह, विशाल, राहुल चौधरी आदि मौजूद रहे।