बहजोई। जिले के कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को दूसरे विद्यालयों में समाहित न किए जाने की मांग को लेकर भाकियू, टिकैत के पदाधिकारियों ने बीएसए अलका शर्मा को ज्ञापन दिया।
मंगलवार को महानिदेशक स्कूल शिक्षा को संबोधित ज्ञापन बीएसए को देते हुए भारतीय किसान यूनियन, टिकैत के प्रदेश प्रमुख महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से प्रदेश भर के सभी बीएसए को जारी किए गए पत्र में कहा गया कि जिले में जिन परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या कम है, उनको निकट के विद्यालय में न समाहित किया जाए। उन्होंने बताया कि इन परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र कमजोर व पिछड़े वर्ग के हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक अपने बच्चों को निकट के विद्यालयों में भेजने के लिए तैयार नहीं है। गर्मी, सर्दी व बरसात के मौसम में रोजाना बच्चों की ओर से एक से लेकर दो किलोमीटर तक की यात्रा पैदल करना सुरक्षित नहीं है। गांव का विद्यालय बंद होते ही ये सभी बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाएंगे।
प्रदेश प्रमुख सचिव का कहना है कि ऐसे में आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व रसोइयाओं आदि के रोजगार को ध्यान में रखते हुए समस्या के समाधान को लेकर गंभीरता दिखाई जाए। इस बीच शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रुकमेश चाहल समेत उदयवीर सिंह, मुकेश यादव, अमरसिंह राजपूत व मुनीश कुमार आदि रहे।