लालच में अंधे होकर लोग अपने रिश्तों का खून करने लगे हैं। सोमवार को कोतवाली क्षेत्र के बुधनगर खंडुआ गांव में सुबह साढ़े नौ बजे माया (30) की देवर ने पहले पिटाई की। बाद में फावड़े से पीट पीटकर हत्या कर दी। माया की हत्या के आरोप में देवर सत्यपाल, देवरानी सूरजवती और सास ओमवती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बुद्घनगर खंडुआ निवासी माया पत्नी वीर सिंह अपने हिस्से की जमीन पर लगे यूके लिप्टिस के पेड़ बेचने के लिए लकड़ी के ठेकेदार को दिखाने सुबह नौ बजे खेत पर गई थी। कुछ देर बाद माया का देवर सत्यपाल भी मौके पर पहुंच गया। सत्यपाल ने पेड़ बेचने का विरोध किया तो दोनों में कहासुनी होने लगी। आरोप है कि सत्यपाल ने माया की लाठी डंडों से पिटाई शुरू कर दी। माया ने चीखना शुरू किया तो सत्यपाल का गुस्सा और बढ़ गया। उसने माया को जमीन पर गिराकर गले पर फावड़े से बार किया। गर्दन कटने से माया की मौके पर ही मौत हो गई।
खास बात यह भी रही कि सत्यपाल ने भाभी की हत्या के बाद भागने की बजाय चंदौसी कोतवाली में आत्मसमर्पण कर दिया है। चंदौसी पुलिस के साथ साथ क्षेत्राधिकारी अभिषेक यादव, पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना भी मौके पर पहुंचे। माया के मायके वाले गांव पहुंच गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के भाई बदायूं जिले के हबीपुर निवासी गजराम की तहरीर पर देवर सत्यपाल, देवरानी सूरजवती और सास ओमवती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।