खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से जिलेभर से लिए गए दवाओं के नमूनों में कई फेल हो गए हैं। कुछ दवाएं अधोमानक तो कुछ दवाएं व सौंदर्य प्रसाधन मिथ्याछाप पाए गए हैं। औषधि निरीक्षक ने सभी दवा विक्रेताओं व उनकी निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही इनके खिलाफ मंडलीय कोर्ट में वाद भी दायर किया जा रहा है। जिला औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने बताया कि बुखार में दी जाने वाली दवाई एसजी पायरीन का नमूना आठ फ्रवरी को गुप्ता मेडिकल स्टोर फड़ियाई बाजार चंदौसी से लिया गया था। यह दवा अधोमानक पाई गई है।
महिलाओं द्वारा अपने लवों को लंबे समय तक खूबसूरत बनाने के लिए प्रयोग की जानी वाली टिनटिन लिपिस्टिक पावर लास्टिंग, केमिलियान मसकरा व केमिलियान कलर मेकअप वॉल्यूम मिथ्या छाप पाया गया है। इस पर मैनुफैक्चरिंग या एक्सपाइयरी डेट नहीं थी। लैब में उपकरणों के अभाव में यह जांच नहीं हो सकी कि यह सौंदर्यप्रशाधन नुकसान पहुंचाते हैं या नहीं। इनका नमूना नौ फरवरी को रेनवो जनरल स्टोर शुक्ला मार्केट संभल से लिया गया था।
बच्चों का बुखार उतारने को दी जाने वाली औषधि स्पैक्ट्रिम पेडियेट्रिक संस्पेंशन जिसका नमूना सीएमएसडी स्टोर सीएचसी कैंपस बहजोई से लिया गया था भी मिथ्याछाप पाई गई है। दवा पर कोई लेबलिंग नहीं थी। पेट संक्रमणरोधी एंटीवायोटिक दवा डी-फ्लाक्स-ओजेड जांच के बाद अधोमानक पाई गई है, इसमें आफ्लोसोसिंग 36 तो आर्जिडाजोल 22 फीसदी कम पाई गई है। नीमूकेम-पी का नमूना पारिख मेडिकल हाल बहजोई से नौ फरवरी को लिया गया था, यह दवा भी अधोमानक मिली है। कोमल पाली क्लीनिक बहजोई से 30 जनवरी को लिया ओर्थोरेक्स जेल का नमूना भी फेल हो गया था। यह मिथ्याछाप पाई गई है।
औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने बताया कि सभी दवा विक्रेताओं को नोटिस देकर कहां और कितनी देवा बेची व कहां से खरीदी, अभिलेख मांगे गए हैं। साथ ही निर्माता कंपनियों को भी नोटिस जारी किया गया है। मिथ्याछाप व अधोमानक होने का जवाब मांगा गया है। विशेष सत्र न्यायालय में इस संबंध में वाद भी दायर किया जा रहा है।