अलम का जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। या हुसैन-या हुसैन की सदाएं बुलंद होती रहीं। हाथों में अलम व तलवारें लेकर बड़ी संख्या में लोग चल रहे थे। जुलूस देर शाम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। अलमों के जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
मियां सराय से अलमों का जुलूस आगे बढ़ा। इसके बाद नूरियो सराय, चमन सराय, मंडी किशनदास सराय, सैफ खां सराय, चौधरी सराय, बेगम सराय आदि से अलमों के जुलूस चमन सराय में एकत्र होकर मुख्य जुलूस में शामिल हुए। मुख्य जुलूस परंपरागत रास्तों से आगे बढ़ता रहा।
कोटगर्बी, महमूद खां सराय से दीपासराय चौक पहुंचे। शहर उस्ताद मुहम्मद अंसार ने कई लोगों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया। जुलूस में मुख्य रूप पालिकाध्यक्ष हकीम कौसर अहमद, सपा व्यापार सभा के प्रदेश सचिव मुसय्यद हसन, युवा नेता जियाउर्रहमान बर्क, युवा नेता सुहेल इकबाल, मुशीर चौधरी, असलम मेंबर, मेंबर उस्मान, मुन्ने भाई, मुजीब, नूर यूसुफ, असगर अली अंसारी, चौधरी नदीम, सईद अख्तर इस्राइली, जुल्फेकार, सुहेल चमन, बिट्टू, वसीम खां, कय्यूम जिला मोहर्रम कमेटी के नवाब बुंदू खां, शाहवेज, नसीम वारसी आदि रहे।
डीएम एनकेएस चौहान, एसपी अतुल सक्सेना, एडीएम डा. एसएन सिंह, एएसपी कमलेश दीक्षित, लगातार नजर रखे रहे। एसडीएम जेबी सिंह व सीओ अफसर अब्बास जैदी भारी पुलिस बल के साथ जुलूस के साथ रहे।