चंदौसी। जनपद में बकाया वसूली की स्थिति खराब बनी हुई है। प्रत्येक तहसील में दस बड़े बकायेदार हैं। लेकिन तहसील प्रशासन इनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुस्त बना हुआ है। समीक्षा बैठक में आयुक्त इसको लेकर नाराजगी जता चुके हैं।
जिलाधिकारी ने अब बड़े बकायेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जनपद में बकाया वसूली की स्थिति खराब बनी हुई है। 16 जनवरी को मुरादाबाद में हुई बैठक में मंडलायुक्त समीक्षा बैठक में जनपद की बकाया वसूली को लेकर असंतोष जाहिर कर चुके हैं। जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने 22 जनवरी को तहसील के निरीक्षण के दौरान बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने पर तहसीलदार से नाराजगी जताई थी। क्योंकि पिछले कई माह से वसूूली की प्रगति खराब बनी हुई है।
इसके बाद मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी करते हुए तहसील प्रशासन को प्रत्येक मंगलवार को पांच से छह बजे तक बैठक आयोजित कर बकाया वसूली की समीक्षा करने को कहा था। इससे बैठक में मुख्य रुप से स्टांप, विद्युत, परिवहन, खनिज तथा व्यापार कर आदि की अमीनवार मांग निर्धारित कराना तथा मांग पत्रों के सापेक्ष प्रत्येक सप्ताह प्रगति व मांगपत्रों को अपडेट किया जाए।
इसके अलावा प्रत्येक तहसील के दस-दस बड़े बकायेदारों की वसूली की समीक्षा तथा उनके खिलाफ की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई जैसे साईटेशन, गिरफ्तारी, कुर्की व नीलामी की समीक्षा की जाए। अमीनवार सप्ताह में किए गए दाखिले व जमा राशि की वसूली की समीक्षा पर जोर दिया जाए।
वसूूली की गई धनराशि को कोषागार के लेखा से माहवार मिलान किए जाने की समीक्षा भी होनी चाहिए। इसके लिए उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व नायाब तहसीलदार प्रत्येक बिंदु पर समीक्षा कर वसूली में प्रगति लाने का प्रयास करेंगे। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को निर्देश जारी करते हुए वसूली में प्रगति लाने के कहा है।