संभल। मुकर्रबपुर दो ईंट भट्ठों के खिलाफ शिकायतों पर अपर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश जारी किए हैं। एक ईंट भट्ठे के रॉयल्टी चालान फर्जी होने का अंदेशा है। आरोप है कि ईंट भट्ठा संचालक ने वर्ष 2015-16, 2016-17, 2017-18 और 2018-19 में खनिज कार्यालय से निर्गत चालान प्रस्तुत किए हैं, लेकिन इन चालानों के हिसाब से रॉयल्टी जमा नहीं है। रिकार्ड के मुताबिक रॉयल्टी सिर्फ 2018-19 की जमा की गई है।
ऐसे में शेष वर्षों के चालान फर्जी होने के अंदेशे में अपर जिलाधिकारी के पास शिकायत की गई है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने संभल के उप जिलाधिकारी और खनन निरीक्षक के नाम जांच आदेश जारी किए हैं। बैंक और कोषागार से चालानों की छाया प्रतियों का सत्यापन कराया जाएगा अगर जांच में चालान फर्जी पाए जाते हैं तो फर्म संचालक के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
यह आदेश अपर जिलाधिकारी ने शिकायती पत्र के आधार पर दिए हैं। मुकर्रबपुर में दो ईंट भट्ठे अवैध तरीके से संचालित होने की शिकायतें आईं हैं। दूसरे ईंट भट्ठा संचालक के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अनापत्ति का प्रमाण पत्र नहीं होने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। अगर इसकी पुष्टि जांच में होती है तो उस भट्ठे को बंद किया जाएगा।
यह जानकारी भी दी गई है कि शुक्रवार को उप जिलाधिकारी ने प्रदूषण फैला रहे भट्ठों का निरीक्षण किया था और उसे बंद करा दिया था, लेकिन उप जिलाधिकारी की रोक को दरकिनार कर आबादी के बीच भट्ठा फिर से संचालित कर दिया गया है जिससे प्रदूषण फैल रहा है।