संभल। जिले में गोवंशीय पशुओं कही हत्या और तस्करी जैसी घटनाएं आए दिन सामने आ रही हैं। घटनाएं थमने की बात तो दूर, तस्कर नए-नए तरीकों से पशु तस्करी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। कभी दूध का टैंकर, कभी डाक पार्सल लिखा वाहन तो कभी लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर पशु तस्कर पुलिस से आंख-मिचौली कर रहे हैं। पुलिस भी पशु तस्करों को पकड़कर कार्रवाई करने में पीछे नहीं है।
आए दिन पशु तस्करी के मामले पकड़े जा रहे हैं और पुलिस विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर पशु तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में ला रही है, लेकिन कहीं तो झोल है ही, जहां पशु तस्कर भी दुस्साहस दिखाते हुए धड़ल्ले से अपने कारनामे को अंजाम देने में पीछे नहीं रह रहे।
अलीगढ़, एटा, बुलंदशहर और राजस्थान से की जाने वाली तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही। रविवार को भी हयात नगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर अलीगढ़ से मुुुरादाबाद जा रही गोवंशीय पशुओं से भरी डीसीएम गाड़ी पकड़ी थी।
जिसमें सात गोवंशीय पशु बरामद किए गए थे। इसमें एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा और दो आरोपी भाग निकलने में सफल रहे। अब सवाल यह है कि राजस्थान समेत उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ व बुलंदशहर से होकर मुरादाबाद तक पड़ने वाले सभी थानों से होकर पशु तस्करों का वाहन आसानी से गुजर जाता है और बीच में पड़ने वाले थानों की पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगती।
हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अनूपशहर पुलिस तस्करों का पीछा कर रही थी, लेकिन वह अनूपशहर पुलिस को चकमा देकर रजपुरा थाना क्षेत्र में घुस गए। रजपुरा पुलिस को चकमा देकर पशु तस्कर हयात नगर थाना की सीमा में घुस आए और पकड़े गए।
यदि हयात नगर पुलिस सक्रियता नहीं दिखाती, तो पशु तस्कर संभल जिले की सीमा से बाहर निकलकर मुरादाबाद जिले में घुसने के अपने मंसूबे में कामयाब हो सकते थे। हयात नगर प्रभारी निरीक्षक ब्रज मोहन गिरि ने भी जानकारी देते हुए बताया था कि आरोपी अलीगढ़ से गोवंशीय पशुओं को भरकर मुुरादाबाद ले जा रहे थे। वहीं पशुओं की हत्या कर मांस की सप्लाई करते हैं।