जिले में कमालपुर, वहापुर देहात और ततारपुर में प्रस्तावित 33/11 केवी के नए विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। कार्यदायी संस्था का टेंडर रद्द होने की वजह से उपकेंद्रों का काम शुरू होने से पहले ही लटक गया है। ऐसे में इस बार भी संबंधित क्षेत्र के लोगों को गर्मियों में लो वोल्टेज और ओवरलोड से होने वाली कटौती से जूझना पड़ेगा।
जिले के तीनों डिवीजन में 52 विद्युत उपकेंद्र संचालित हैं। इनमें कई उपकेंद्र ऐसे हैं, जो अतिरिक्त भार की समस्या से जूझ रहे हैं। ओवरलोड के कारण ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी गर्मियों में होती है। शेड्यूल के हिसाब से बिजली सप्लाई नहीं मिलती। सिंचाई कार्य भी प्रभावित होता है। विभाग कटौती कर अलग-अलग फीडर को सप्लाई उपलब्ध कराता है।
इसी समस्या से निपटने के लिए बहजोई के कमालपुर और वहापुर देहात व ऐंचोड़ा कंबोह के ततारपुर रोड पर 33/11 केवी के नए उपकेंद्र बनाने को स्वीकृति मिली थी। विभाग ने जून में तीनों उपकेंद्रों को बिजनेस प्लान 2024-25 में शामिल कर लिया। टेंडर प्रक्रिया होने के बाद सितंबर में मेरठ की निर्माण एजेंसी ने कार्य शुरू किया, लेकिन कुछ समय बाद ही टेंडर रद्द हो गया। हालांकि उपकेंद्रों के लिए अलग लाइन तैयार कर ली गई थीं। बिल्डिंग आदि का काम शुरू नहीं हो पाया था। अब पुन: टेंडर प्रक्रिया की गई है।
विभाग का इसी साल, जून तक उपकेंद्रों को संचालित करने का जो सपना था, वह पूरा होता नहीं हो पाएगा। इस बार भी गर्मियों में बहजोई और एंचोड़ा कंबोह के 120 से अधिक गांव के उपभोक्ताओं को विद्युत समस्या से जूझना पड़ेगा।
बहजोई उपकेंद्र पर सबसे ज्यादा लोड
बहजोई उपकेंद्र की क्षमता करीब 1050 एम्पियर आउटपुट देने की है, जबकि गर्मियों में यह मांग बढ़कर 2400 एम्पियर तक पहुंच जाती है। सबसे अधिक लोड नार्थ और साउथ फीडर पर है। इसी वजह से उपभोक्ताओं को विद्युत कटौती से जूझना पड़ता है। ऐसी ही स्थिति ऐंचोड़ा कंबोह उपकेंद्र की है। विभाग ने इसी समस्या से निपटने के लिए कमालपुर, बहापुर देहात और ततारपुर रोड पर 33/11 केवी के नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
20 करोड़ की लागत से बनेंगे उपकेंद्र
जिले में प्रस्तावित तीनों उपकेंद्र 33/11 केवी के होंगे। प्रत्येक उपकेंद्र में पांच पांच एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगेंगे। निर्माण में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कमालपुर में करीब 0.200 हेक्टेयर व बहापुर में 0.240 हेक्टेयर जमीन में उपकेंद्र का निर्माण होगा। वहीं ऐंचोड़ा के ततारपुर रोड पर उप केंद्र का निर्माण होगा।
वर्जन
- जिले में तीन नए विद्युत उपकेंद्र बनने प्रस्तावित हैं। जिस मेरठ की संस्था को टेंडर हुआ था, वह किसी कारण निरस्त हो गया। अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया कराई गई है। जल्द ही उपकेंद्रों का निर्माण कार्य शुरू होगा। -विनोद कुमार, एसई संभल