चंदौसी/कुढ़फतेहगढ़। कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र में ग्रामीण छात्राओं की बेहतर शिक्षा की उम्मीद से बनाया जा रहा कन्या छात्रावास छह साल में भी बनकर पूरा नहीं हुआ है। शासन से बजट न मिलने पर ठेकेदार और कार्यदायी संस्था ने एक मंजिल पर लिंटर डालकर काम बीच में छोड़ दिया है। विभागीय अधिकारी भी शासन से बजट न मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
चंदौसी से करीब दस किलोमीटर दूर गांव बेरनी में छात्राओं की बेहतर शिक्षा के लिए वर्ष 2011 में राजकीय कन्या इंटर बनाया गया। अभी मान्यता हाईस्कूल तक की है। वर्ष 2015 में विद्यालय का भवन भी बनकर तैयार हो गया। छात्राओं को अधिक दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए वर्ष 2016 में विद्यालय के पास ही 100 बेड का बालिका छात्रावास बनाने की घोषणा हुई थी।
शासन से 1.70 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत हो गया और कार्यदायी संस्था पैक्सपेड को जिम्मेदारी सौंपी गई। शासन ने कुछ बजट भी जारी कर दिया था। शासन से कम बजट मिलने पर कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने भी काम रुक-रुक किया। वर्ष 2020 तक शासन से करीब 70 लाख का बजट मिला। इसमें ठेकेदार ने प्रथम मंजिल की दीवारें बनाकर उसके ऊपर लिंटर डाल दिया। इसके बाद से काम बंद है। एक साल से अधर में निर्माण रुका होने से छात्रावास परिसर की भी हालत बिगड़ती जा रही है।
दो मंजिला भवन में 100 बेड और रसोइया की होनी है व्यवस्था
क्षेत्र व दूरस्थ छात्राओं की बेहतर शिक्षा के लिए दो मंजिला छात्रावास बनाया जाना हैं। इसमें 100 छात्राओं के आवास, बेड की व्यवस्था रहेगी। स्नानागार, शौचालय के अलावा खाने की व्यवस्था के लिए कैंटीन भी बनाई जानी है। पानी की आपूर्ति के लिए टंकी, ओवरहेड टैंक और बिजली कनेक्शन आदि का सभी व्यवस्था होनी है।
चंदौसी और शाहबाद के बीच नहीं है कोई विद्यालय
चंदौसी से कुढ़फतेहगढ़ होते हुए रामपुर जनपद के कस्बे शाहबाद की दूरी करीब 35 किलोमीटर है। इस बात को ध्यान में रखते हुए गांव बेरनी में ही छात्राओं के लिए करीब दस साल पहले जीजीआईसी बनाया गया था। इससे पूर्व छात्राओं के शिक्षा के लिए चंदौसी अथवा रामपुर जनपद के शाहबाद जाना पड़ता था।
विद्यालय 40 से अधिक गांवों को करता है प्रभावित, छात्रों की संख्या मात्र 138
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बेरनी क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों को प्रभावित करता है, लेकिन विद्यालय में पंजीकृत छात्रों की संख्या मात्र 138 है। विद्यालय कक्षा नौ व दस की कक्षाएं संचालित हैं। इनमें 62 छात्राएं व 76 छात्र हैं। यह गर्ल्स इंटर कॉलेज हैं, पर छात्राओं की संख्या कम होने पर छात्रों के प्रवेश कर संयुक्त शिक्षा में संचालित किया जा रहा है।
दो मंजिला छात्रावास का निर्माण होना है। 1.70 करोड़ के सापेक्ष 70 लाख से कभी कम बजट मिला है। जो रुपये मिले थे, उससे निर्माण करा दिया है। बजट आएगा तो आगे का निर्माण करा दिया जाएगा। तीन माह पहले अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा मुरादाबाद के जेई ने आकर भी यहां की स्थिति का जायजा लिया था और रिपोर्ट शासन को भेजी है। बजट की मांग शासन से की गई है। बजट मिलने पर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
बलवीर सिंह, जेई पैक्सपेड संभल।
छात्रावास का निर्माण दूसरी समिति की देखरेख में हो रहा है। यह गर्ल्स विद्यालय है, पर छात्राओं की संख्या कम होने पर पहले से ही छात्रों के प्रवेश कर संयुक्त शिक्षा में विद्यालय संचालित है। छात्रावास बन जाए तो छात्राओं को इसका लाभ मिले। ग्रामीण क्षेत्र की दूर की छात्राएं यहां रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकती है।
दीपिका अग्रवाल, प्रधानाचार्या जीजीआईसी बेरनी