अर्जुन अवार्ड के लिए जंतर-मंतर पर दिया था धरना
मुजफ्फरनगर के बढेड़ी गांव में जन्मे अनुज चौधरी ने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। गांव के अखाड़े से निकलकर उन्होंने गोरखपुर हॉस्टल तक का सफर तय कर कुश्ती का ककहरा सीखा। वह 10 साल राष्ट्रीय चैंपियन रहे। उन्होंने कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और ओलंपिक तक पहुंचे थे।
अर्जुन अवार्ड नहीं मिला तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए थे। तत्कालीन खेल मंत्री सुनील दत्त के हस्तक्षेप के बाद अगले साल उन्हें अर्जुन अवार्ड मिला था। कुश्ती लीग के वह ब्रांड एंबेसडर भी रहे। साल 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने रजत पदक जीता था, जिसके बाद सरकार ने सम्मान स्वरूप पुलिस सेवा का अवसर दिया था।
चर्चित बयान
सीओ अनुज चौधरी ने छह मार्च को संभल कोतवाली में पीस कमेटी की बैठक में कहा था कि होली का पर्व साल में एक बार आता है। जबकि जुमे की नमाज साल में 52 बार होती है। जिन मुसलमानों को रंग से परहेज है, वह रंग के दौरान घर से न निकलें। आगे कहा था कि या फिर दिल बड़ा रखें और होली के रंग से परहेज न करें।
ईद को लेकर 28 मार्च को शांति समिति की बैठक में उन्होंने कहा था कि यदि ईद की सेवई खिलानी हैं तो गुझिया भी खानी होगी। सीओ ने जांच के दौरान दिए बयान में कहा था कि वह दोनों समुदायों के बीच शांति कायम करने के लिए प्रयास कर रहे थे। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है जिससे किसी समुदाय की भावना आहत हों।
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अब किस सीओ को कौन सी जिम्मेदारी
एसपी स्तर से किए फेरबदल में संभल के सीओ अनुज चौधरी को सीओ चंदौसी के साथ न्यायालय सुरक्षा, मॉनीटरिंग सेल के अंतर्गत चंदौसी कोर्ट एवं एनएफआईएस के कार्यों का पर्यवेक्षण/(सहायतार्थ नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक) की जिम्मेदारी दी है। सहायक पुलिस अधीक्षक आईपीएस आलोक कुमार को सीओ संभल बनाया है।
वह लाइन, प्रशिक्षण, थाना साइबर क्राइम एवं आंकिक शाखा के कार्यों का पर्यवेक्षण भी देखेंगे। चंदौसी के सीओ आलोक सिद्धू को सीओ बहजोई का जिम्मा सौंपने के साथ महिला व बाल सुरक्षा संगठन इकाई के कार्यों का पर्यवेक्षण दिया है। बहजोई के सीओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह को सीओ यातायात बनाया है। सीओ यातायात संतोष कुमार को सीओ कार्यालय समेत 112 पुलिस, मीडिया सेल, जनसुनवाई एवं एलआईयू के कार्यों का पर्यवेक्षण भी दिया गया है।
बयानबाजी पर क्लीन चिट निरस्त, दोबारा जांच शुरू
साल में होली एक बार और जुमा का दिन 52 बार आता है...वाले बयान पर पूर्व आईपीएस एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी शिकायत की थी। कहा था कि सीओ लगातार सेवा नियमावलियों तथा वर्दी नियमावलियों का उल्लंघन कर रहे हैं। बिना आधिकारिकता के बयानबाजी करते हैं।
पुलिसिंग तथा अपने कार्यों को सांप्रदायिक रंग देने, सेवा नियमावलियों से इतर कार्य कर माहौल को तनावग्रस्त करने में लगे हैं। आरोप यह भी लगाया था कि एक वर्ग विशेष में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। इस संबंध में एएसपी श्रीश्चंद्र द्वारा जांच की गई थी। जांच में दोनों धर्मों के एक-एक व्यक्ति के बयान दर्ज किए गए थे।
इसके बाद क्लीनचिट दे दी गई थी। क्लीनचिट दिए जाने के बाद अमिताभ ने आपत्ति की और उनका पक्ष नहीं लेने का जांच अधिकारी पर आरोप लगाया था। इसी क्रम में अब फिर जांच के निर्देश दिए गए हैं। एएसपी श्रीश्चंद्र ने बताया कि शिकायतकर्ता से साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।