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UP: मोटी रकम हासिल करने को बैंककर्मी की साजिश...बीमे के 50.68 लाख हड़पने के लिए दिव्यांग का कार से कुचलकर कत्ल

Sat, 03 May 2025 03:31 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल के चंदौसी में बीमे की 50.68 लाख रुपये की राशि हासिल करने के लिए दिव्यांग कार से कुचलकर हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से दिव्यांग को 31 जुलाई को कार से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था और इसके दुर्घटना का रूप दे दिया था। 
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दिव्यांग युवक की हत्या का खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संभल जिले में बीमा राशि हड़पने के लिए आरोपियों के नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को फिर पुलिस ने बीमा राशि हड़पने के एक और मामले में दिव्यांग दरियाव की हत्या में चार लोगों को गिरफ्तार कर जिले में चल रहे खेल का खुलासा किया। 
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दिव्यांग दरियाव की हत्या कर बीमे की रकम हड़ने की पूरी साजिश एक्सिस बैंक के कर्मचारी पंकज राघव ने दो साल पहले रची थी। पुलिस की पूछताछ में हरिओम उर्फ हरिहर सिंह व विनोद पुत्र प्यारेलाल निवासी गांव ढिलवारी थाना बिसौली जनपद बंदायूं, पंकज राघव पुत्र प्रेमपाल सिंह निवासी रायपुर कला थाना चंदौसी ने बताया कि घटनाक्रम की शुरुआत 2023 में हुई। 

जब हरिओम को पैसे की आवश्यकता थी और वह लोन के लिए एक्सिस बैंक चंदौसी गया था। वहां उसकी मुलाकात पंकज राघव से हुई जो कि एक्सिस बैंक में मैक्स लाइफ के रिलेशनशिप एसोसिएट के पद पर कार्यरत था। 
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हरिओम ने पंकज राघव को कहा की उसे लोन की आवश्यकता है, जिस पर पंकज राघव द्वारा उसे बताया गया कि सिविल स्कोर खराब होने के कारण हरिओम को लोन मिलना मुश्किल है। इस पर पंकज राघव ने कहा कि उसके पास एक योजना है, जिसके माध्यम से उसे काफी बड़ी धनराशि बिना लोन के भी प्राप्त हो सकती है। 

पंकज राघव ने हरिओम को एक ऐसे व्यक्ति की तलाश करने को कहा जो कि कैंसर या किसी गंभीर बीमारी के कारण मरने की स्थिति में हो। ऐसे व्यक्ति का बीमा कराकर धोखाधड़ी से यह धनराशि हड़पी जा सकती है। 

 

पंकज राघव ने यह काम बबराला के कुछ लोगो से सीखा था जो कि उसके पास इसी तरह की पॉलिसी कराने आए थे। इस दौरान हरिओम ने दरियाव का नाम बताया। पंकज राघव द्वारा ही दरियाव के नाम बीमा पॉलिसी कराने और एक्सीडेंट के रूप में हत्या कराने का सुझाव दिया। 

 

हरिओम द्वारा यह बात अपने भाई विनोद को बताई गई जो कि लालच में आ गया और उसने अपने एक अन्य साथी को भी इस कार्य के लिए राजी कर लिया। हत्या के लिए हरिओम और विनोद ने प्रताप निवासी तारापुर थाना चंदौसी से सम्पर्क किया जो कि सजायाफ्ता मुजरिम है। 

 

आजीवन कारावास की सजा काट रहा था और 13 साल बाद जेल से बाहर आया था। 50 हजार रुपये में हत्या का सौदा हुआ था। घटना की रेकी भी की गई। हत्या में प्रयुक्त कार शादी में जाने के बहाने से विनोद ने किराये पर ली थी।
 

15.68 लाख आरोपियों ने दो बीमा के हड़पे
एसपी ने बताया कि एक बीमा क्लेम किसान दुर्घटना बीमा का भी किया गया। जिसके पांच लाख रुपये दरियाव की पत्नी पूजा के पीएनबी बैंक बिसौली शाखा में आ भी गये थे। जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया था। इसके अलावा आईसीआईसीआई प्रोडेंशियल बीमा क्लेम जो 10 लाख रुपये का था। उसकी रकम भी हड़प ली थी। आरोपियों ने कुल 15.68 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली थी। जबकि अन्य पॉलिसी क्लेम का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम 
घटना के दिन विनोद, प्रताप के साथ बिसौली जाकर दरियाव को घटनास्थल पर कार से लेकर आया था। हरिओम भी समय से घटनास्थल पर पहुंच गया था और उसने अपने अन्य साथी को भी वहीं बुला लिया था। फिर इन लोगों ने शराब पी और दरियाव को ज्यादा शराब पिलाई। सैनिक चौराहे से आटा की तरफ गाडी रोक दी। कार खराब होने की बात कही। इसी दौरान विनोद ने दरियाव के सिर पर हथौडी से वार कर हत्या कर दी और शव घसीट कर सड़क किनारे फेंक दिया। 

एक दुर्घटना में लकवाग्रस्त हो गए थे दरियाव के पैर 
पुलिस के अनुसार मृतक दरियाव विवाहित था। उनकी एक नाबालिग पुत्री है। कुछ वर्ष पूर्व एक दुर्घटना में वह लकवाग्रस्त हो गए थे। इन बीमा पॉलिसी में नामिनी है। दरियाव की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी और भीख मांग कर अपना जीवन यापन करते थे। उनके द्वारा इतनी सारी पॉलिसी का प्रीमियम का भुगतान करना संभव नहीं था।

 

बीमा क्लेम में दर्ज किए थे आरोपियों के नाम व मोबाइल नंबर 
पुलिस के अनुसार मृतक दरियाव के पंचनामें में हरिओम व विनोद का नाम व मोबाइल नंबर बीमा क्लेम के फार्म व बीमा कंपनी द्वारा कराई गई इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट में गवाह के रूप में दर्ज है। जबकि मृतक का भाई राजेंद्र बीमा पॉलिसी में नामिनी है। उनके मोबाइल नंबर के स्थान पर पंकज राघव नामक व्यक्ति के मोबाइल नंबर हर जगह दर्ज पाए गए। 

बहला फुसला कर चंदौसी के बैंक में खुलवा दिया था राजेंद्र का खाता
एसपी ने बताया कि एक्सीडेंट की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज होने के बाद आरोपी पंकज राघव ने क्लेम के लिए आवेदन शुरू किया। राजेंद्र को लाभ दिलाने की बात कहते हुए राजेंद्र को बहला फुसला लिया और राजेंद्र का खाता एक्सिस बैंक चंदौसी शाखा में खुलवा दिया। क्योंकि मृतक दरियाव की पत्नी देवर के साथ रहने लगी थी। जिससे बीमा में नॉमिनी राजेंद्र को बनाया गया था। 
 

पंकज राघव के पास से ही मृतक दरियाव व उसके भाई राजेंद्र की एक्सिस बैंक की खाते की पासबुक, चेकबुक व डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं। पंकज राघव के मोबाइल में एक्सिस बैंक की एप में राजेंद्र का खाता मिला है। मोबाइल में खाता होने से पंकज देख सकता था कि किस किस पॉलिसी का पैसा आया है या नहीं आया। इतना ही नहीं जांच करने जब भी टीम आती थी। टीम से आरोपी ही मिलते थे।

 

पंकज यादव का फर्जी बीमा पॉलिसी हड़पने वाले गिरोह से जुड़े हैं तार
एएसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा ने बताया कि आरोपी पंकज शर्मा 11 साल से बीमा पॉलिसी का काम कर रहा था। पंकज राघव पिछले दिनों बबराला में फर्जी बीमा पॉलिसी के मामले में पकड़े गए कुछ लोगों के संपर्क में था। उन्हीं से उसने ये फर्जीबाड़े का काम सीखा था। गिरोह के सदस्यों का पंकज के पास आना जाना रहता था। 

पुलिस के अनुसार मृतक दरियाव का शव घटना के बाद सड़क किनारे पड़ा हुआ था। मानो किसी ने घसीट कर रखा हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृत्यु से पहले दरियाव के सिर में बायीं और दायीं ओर कान से ऊपर घाव के निशान थे। इसके अलावा शरीर पर कई जगह घसीटने के निशान मिले थे, जिससे जो एक्सीडेंट की घटना प्रतीत नहीं हो रही थी। 


 

यह सामान बरामद
पुलिस ने हत्यारोपियों से एक हथौड़ी, ईको गाड़ी, दरियाव के एक्सिस बैंक की पासबुक, डेबिट कार्ड, चेकबुक, मृतक के भाई राजेंद्र का डेबिट कार्ड, चेकबुक, पॉलिसी संबंधित अन्य दस्तावेज, दो जाली स्टाम्प (मोहर) थाना कोतवाली चंदौसी लिखी हुई, एक एफआईआर 343/2024 धारा 381/106 (1) बीएनएस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचायतनामा, एक मोबाइल बरामद किया है।

बीमे के 50.68 लाख हड़पने के लिए दिव्यांग युवक की कार से कुचल कर हत्या
संभल के चंदौसी में बीमे की 50.68 लाख रुपये की राशि हासिल करने के लिए दिव्यांग कार से कुचलकर हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से दिव्यांग को 31 जुलाई को कार से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था और इसके दुर्घटना का रूप दे दिया था। 

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शुक्रवार को इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2024 की रात 10 बजे करीब बदायूं जिले के बिसौली थाना क्षेत्र के दिलवारी गांव निवासी दरियाव (38) की चंदौसी के आटा पतरौआ मार्ग पर शव मिला था। उनके भाई राजेंद्र ने इसे दुर्घटना बताते हुए अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साक्ष्य के अभाव में पुलिस ने 29 दिसंबर को कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी थी। 

दरियाव के भाई ने जब बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया तो कंपनी के जांचकर्ता ने घटना पर संदेह जताया। एसपी ने बताया कि एएसपी अनुकृति शर्मा और सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार के निर्देशन में अंतरराज्यीय बीमा गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस ने जब जांच की यह जानकारी सामने आई कि दरियाव के नाम पर कुल 58.60 लाख रुपये की पॉलिसी थी। 

 

पॉलिसी एक साल के अंदर कराई गई थी। दरियाव की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह बीमे की किस्त भर सके। किसान बीमा को छोड़कर सभी पॉलिसी में नामित व्यक्ति के रूप में मृतक के भाई राजेंद्र को दर्शाया गया था, जबकि मोबाइल नंबर पंकज राघव के नाम के व्यक्ति का दिया गया था। इस आधार पर पुलिस ने बदायूं के बिसौली थाना क्षेत्र के ढिलावरी निवासी हरिहर सिंह, प्यारेलाल और चंदौसी के रायपुर कला निवासी पंकज राघव को पूछताछ के लिए बुलाया। 

 
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पूछताछ के दौरान तीनों ने स्वीकार किया उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर दरियाव की हत्या की और इसे दुर्घटना का रूप दिया, ताकि दरियाव के नाम पर की गई बीमा पॉलिसी की धनराशि हड़प सकें। पुलिस ने इस मामले में हरिहर सिंह, विनोद, प्रताप और पंकज राघव को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है।

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