शिक्षा विभाग का दावा है कि अब परिषदीय विद्यालयों की स्मार्ट क्लास को इंटरनेट से जोड़कर स्मार्ट बनाया जाएगा। बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए इंटरनेट से प्रोजेक्टर, लैपटॉप, एलईडी का संचालन सुगमता के साथ किया जाएगा। फाइबर कनेक्टिविटी से विद्यालयों को जोड़ा जाएगा। इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में मदद मिलेगी।
जिले में 1289 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से करीब 150 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू हो गई है। अब इन विद्यालयों को इंटरनेट से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को परिषदीय विद्यालयों को इंटरनेट से जोड़ने के आदेश दिए हैं। पहले चरण में ऐसे विद्यालयों तक इंटरनेट सुविधा पहुंचाई जाएगी, जो ग्राम पंचायत स्तर पर है। भारत सरकार की पहल पर सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विस इंडिया (मिनिस्ट्रीय आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के तहत विद्यालयों को इंटरनेट कनेक्टिविटी दी जाएगी। फाइबर-टू-होम कनेक्टिविटी उन विद्यालयों को वरीयता के आधार पर दी जाएगी, जिनमें स्मार्ट डिवाइसेस, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्मार्ट टीवी आदि मौजूद हैं।