बनियाठेर के गांव आटा में हाइड्रोफोबिया से बालक की मौत पर गमगीन परिजन।
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बनियाठेर/चंदौसी। गांव आटा में बालक को पांच अक्तूबर को घर के बाहर खेलते समय छह वर्षीय बालक को कुत्ते ने काट लिया था। परिजनों ने सीएचसी में एंटी रैबीज के इंजेक्शन भी लगवाए थे। इसके बावजूद छह माह बाद हुए हाइड्रोफोबिया से बालक की उपचार के दौरान मौत हो गई।
थाना क्षेत्र के गांव आटा निवासी सद्दाम ने बताया कि उनका छह वर्षीय पुत्र सुभान पांच अक्तूबर को घर के बाहर खेल रहा था। तभी कुत्ते ने बालक को काट लिया था। बालक को सात अक्तूबर को चंदौसी सीएचसी में पहला एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया था। इसके बाद चिकित्सक के कहने के अनुसार अन्य इंजेक्शन भी लगवाए। उसके बाद तक बच्चा ठीक-ठाक रहा है। 14 मार्च को बच्चे के बाएं हाथ व पैर ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों ने चंदौसी में निजी चिकित्सकों को दिखाया। फायदा नहीं होने पर परिजन बच्चे को दिल्ली के निजी अस्पताल में ले गए। वहां चिकित्सकों ने बच्चों को हाइड्रोफोबिया का पीड़ित होना बताया। चिकित्सकों ने कहा कि अब बच्चे के ठीक होने की बहुत कम उम्मीद है। 15 दिन अस्पताल में उपचार के बाद परिजन बच्चे को घर ले आए और निजी चिकित्सक से उपचार कराना शुरू कर दिया। बुधवार की रात करीब 12 बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सुभान से छोटे दो भाई उस्मान व साजिद है।