स्थानांतरित सीडीओ शंकर लाल त्रिपाठी के खिलाफ शनिवार को रात्रि बहजोई थाने में महिला कर्मचारी की ओर से अश्लील हरकतें करने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में पुलिस विवेचना करेगी। साक्ष्य जुटाएगी। प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का परीक्षण भी होगा। इस क्रम में महिला कर्मचारी की ओर से प्रस्तुत उस कॉल रिकार्डिंग का भी परीक्षण होगा जो उसने अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग के समक्ष अपने शिकायती पत्र के साथ भेजी थी।
आयोग के हस्तक्षेप पर ही सीडीओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। संभल में सीडीओ के पद पर तैनात रहे शंकर लाल त्रिपाठी पर जिला कंसलटेंट के पद पर तैनात महिला कर्मचारी ने अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया था। महिला कर्मचारी ने अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के समक्ष पिछले महीने शिकायत की थी। जिस पर आयोग ने जिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए थे। जांच शुरू हुई तो महिला कर्मचारी ने जांच समिति पर आरोप लगा दिए।
समिति ने जांच करने से इनकार कर दिया। इसके बाद शनिवार को अनुसूचित जाति आयोग की टीम संभल पहुंची। टीम ने महिला कर्मचारी के बयान लिए और अधिकारियों का पक्ष लिया। एफआईआर के आदेश दिए। इसके बाद शनिवार को देर रात्रि बहजोई थाने में आईपीसी की धारा 294 के तहत रिपोर्ट दर्ज हो गई। बहजोई पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
अब पुलिस पीड़िता कर्मचारी, मुख्य विकास अधिकारी और संबंधित पक्षों के बयान लेगी। महिला कर्मचारी और सीडीओ के मध्य हुई कथित बातचीत की कॉल रिकार्डिंग का भी परीक्षण होगा। महिला ने आयोग के समक्ष एक सीडी पेश की गई थी, जिसमें कहा गया था कि सीडीओ ने उन पर डोरे डालने के लिए कई बार फोन पर कॉल की।