दस दिन पूर्व एक युवक बुखार की चपेट में आकर दम तोड़ चुका है। नरौसी पीएचसी क्षेत्र में 18 जुलाई से अब तक हो चुकी है बुखार से 18 मौतें हो चुकी है। उधर, रजपुरा क्षेत्र के एक डेंगू आशंकित ने दिल्ली में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
नरौली क्षेत्र में वायरल बुखार से मौत होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। गुरुवार की रात ग्राम सराय सिकंदर ग्राम निवासी मौजीराम की एक वर्षीय पुत्री विजय लक्ष्मी व वीर पाल की दो वर्षीय पुत्र पायल पिछले पांच दिन से वायरल बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने दोनों का उपचार नरौली निजी चिकित्सक के उपचार कराया। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
गुरुवार की रात उनकी हालत बिगड़ी और रात नौ बजे से दस बजे के बीच दम तोड़ दिया।
उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। दस दिन पूर्व इसी गांव के राजकुमार (40) पुत्र नन्नूलाल की वायरल बुखार की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। इससे ग्रामीणो में दहशत है। नरौली क्षेत्र में वायरल के प्रकोप से मौत होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। स्वास्थ्य विभाग के इस ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने से संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। 18 जुलाई से अब तक क्षेत्र में 18 मौतें हो चुकी है।
कवायद ः बुखार को कंट्रोल करने के लिए समयदान करेंगे निजी डाक्टर
संभल/चंदौसी। बुखार को कंट्रोल करने के लिए निजी डाक्टर समय दान देंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने शुक्रवार को संभल आईएमए और नीमा के सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में बुखार पीड़ित मरीजों को ब्लड और प्लेटलेट्स की टेस्टिंग के नाम पर लूटने का मुद्दा उठा। कुछ पैथालाजी पर मनमानी फीस लिए जाने की शिकायत आई जिस पर डीएम ने कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में जिलाधिकारी के आग्रह पर निजी डाक्टरों ने दोपहर में 12-01 बजे तक बुखार पीड़ित गरीब मरीजों को फ्री में परामर्श देने का निर्णय लिया। प्लेटलेट्स की जांच सिर्फ 50 रुपये और डेंगू की जांच 550 रुपये में किए पर सहमति बनी।
जिलाधिकारी ने कहा कि अगर इससे ज्यादा रुपये लिए गए तो कार्रवाई होगी। आईएमए संभल के अध्यक्ष अनिल श्रांेतिय और नीमा के अध्यक्ष संजीव सरन गुप्ता ने बताया कि बुखार को कंट्रोल करने के लिए जिलाधिकारी के आग्रह पर आईएमए गंभीर है। आईएमए के चिकित्सक दोपहर में 12-01 बजे तक अपने अपने क्लीनिक में बुखार पीड़ित गरीब मरीजों को फ्री में परामर्श देंगे। सीएमओ डा. उमराव सिंह, चिकित्साधीक्षक डा. जुहेब करीम, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संजीव राठौर, डा. नीरज शर्मा, डा. अरविंद गुप्ता, डा. राजेश अग्रवाल, डा. एके त्यागी, डा. संजय, ऋतु सक्सेना ने भाग लिया। नीमा की ओर से डा. संजीव टंडन, तनवीर हैदर, डा. नीरज चंचल, डा. मोहम्मद हारुन, डा. दिलशाद अहमद ने भाग लिया। उधर चंदौसी में तहसील सभागार में शहर के बड़े अस्पताल संचालकों, निजी चिकित्सकों की बैठक बुलाई गई।
इसमें जिलाधिकारी ने कहा कि वायरल फीवर के चलते सरकारी अस्पतालो में मरीजो की खासी भीड़ लग रही है। गरीब व्यक्ति निजी चिकित्सकों से इलाज कराने में असहाय हैं। इसलिए निजी चिकित्सक शेड्यूल तय करके प्रतिदिन संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को उपचार करेंगे।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उमराव सिंह, उपजिलाधिकारी संजय कुमार, चिकित्साधीक्षक डा. हरविंदर सिंह के अलावा डा. सर्वेश सक्सेना, डा. हरिप्रकाश अग्रवाल, डा. नरेद्र गुप्ता, डा. सलिल दीक्षित, डा. राम वाष्र्णेय, डा. मीनाक्षी वार्ष्णेय, डा.वकुल गोयल, डा. कमल किशोर, डा. जितेंद्र गुप्ता, डा. श्याम गोआन, डा. कपिल गुप्ता, डा. पंकज रहे।