संभल जिले की असमोली और संभल सीट पर रालोद उम्मीदवार बुरी तरह हारे। जमानत भी नहीं बचा पाए जबकि गुन्नौर और संभल में बसपा की करारी हार हुई। दोनों सीटों पर बसपा प्रत्याशी जमानत नहीं बचा पाए।
संभल विधानसभा सीट पर बसपा के रफातुल्ला ने 36705 मत पाए। जमानत बचाने के लिए कुल पड़े मतों का छठां हिस्सा चाहिए था। संभल विधानसभा सीट में 2,41,294 मत पड़े थे। बसपा प्रत्याशी को मिले कुल मतों के छठे हिस्से से कम रहे। इस सीट पर सबसे ज्यादा दुर्गति रालोद की हुई। रालोद के उम्मीदवार कैसर अब्बास को मात्र 920 मत मिले। वे एक हजार मत भी नहीं पा सके।
असमोली विधानसभा सीट में सर्व समभाव पार्टी के प्रत्याशी इंजीनियर रामसरन यादव, रालोद के धीरेंद्र यादव की जमानत जब्त हुई है। रालोद के धीरेंद्र यादव को मात्र 1027 मत मिले। धीरेंद्र यादव अपनी बिरादरी यादव मतों को भी नहीं हासिल कर पाए। नतीजा जमानत जब्त हुई। इंजीनियर रामसरन यादव को यादव और मुस्लिम मतों पर भरोसा था लेकिन मत खुले तो इस भरोसे की कलई खुली। उन्हें मात्र 1689 मत प्राप्त हुए। वह भी अपनी जमानत नहीं बचा पाए।
गुन्नौर सीट पर बसपा के उम्मीदवार मोहम्मद इस्लाम खां अपनी जमानत नहीं बचा पाए। उन्हें मात्र 16052 मत मिले। उन्हें बाहरी प्रत्याशी होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। वह बदायूं जनपद के ग्राम शेखूपुर के निवासी हैं जबकि चुनाव संभल जिले की गुन्नौर सीट पर लड़े हैं।