चुनाव परिणाम जारी होने के बाद संभल विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी चूक सामने आई है। बूथ संख्या 235 पर कुल मत 926 थे पर एआईएमआईएम के उम्मीदवार को मिले मतों की संख्या 1217 दर्शा दी गई। इस चूक को लेकर भाजपा प्रत्याशी के चीफ इलेक्शन एजेंट संजय सांख्यधर ने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है।
बीजेपी ने इसे निर्वाचन अधिकारी की चूक बताया है। वहीं चूक सामने आने के बाद निर्वाचन अधिकारी कंप्यूटर टेबुलेशन सीट को सही करके अपना पल्ला झाड़ने पर लगे हैं। इसका असर संभल की सियासत पर है। बीजेपी ने खुद को नंबर दो पर बताया है जबकि चुनाव आयोग की वेब साइट पर दर्शाए गए चुनाव परिणाम में एआईएमआईएम प्रत्याशी दूसरे नंबर पर है।
बीजेपी के चीफ इलेक्शन एजेंट संजय सांख्यधर ने कहा कि संभल के प्राथमिक पाठशाला कोटपूर्वी स्थित बूथ संख्या 235 में कुल मतों की संख्या 926 थी। इसमें से 636 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
कंट्रोल यूनिट ने जो चुनाव परिणाम दिया उसके अनुसार भाजपा के डा. अरविंद गुप्ता को 349 मत और एआईएमाईएम उम्मीदवार जियाउर्रहमान बर्क को 127 और सपा के इकबाल महमूद को 154 मत मिले। रालोद के कैसर अब्बास 01 मत मिला।
बीएसपी के रफातुल्ला को 02 मत तथा जनशक्ति के नेम सिंह जाटव 02 मत, नोटा को 01 मत मिला। इस बूथ पर अजय कुमार, फरहाद अहमद, संतोष कुमारी को कोई मत नहीं मिला। फिर जियाउर्रहमान बर्क को 1217 मत कैसे दर्शा दिए गए। त्रुटिपूर्ण सीट में कुल मत 1726 दर्शाए गए हैं। जबकि पड़े 636 हैं। दोनों सीटें उनके पास हैं।
बीजेपी के चीफ इलेक्शन एजेंट के मुताबिक कंप्यूटर टेबुलेशन सीट में गलती होने की वजह से 127 के स्थान पर 1217 मत लिख दिए गए थे। इसके चलते वास्तविक मतों के मुकाबले जियाउर्रहमान बर्क के खाते में 1090 मत बढ़ गए। जियाउर्रहमान बर्क के मत 60426 हो गए। इसी के आधार पर संभल में जियाउर्रहमान बर्क को दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बारे में निर्वाचन अधिकारी संभल से शिकायत की गई। फार्म 17 ग का भाग दो एसडीएम के द्वारा चेक किया गया। इसमें गड़बड़ी पकड़ी गई।
शिकायत के बाद एसडीएम ने कंप्यूटर आपरेटर को बुलाया और मतों को चेक कराया। कंप्यूटर आपरेटर के माध्यम से उन्हें संशोधित टेबुलेशन सीट उपलब्ध करा दी है। उन्होंने बताया कि संशोधित सीट के मुताबिक जियाउर्रहमान बर्क को मिले मत 60,426 के स्थान पर 59,336 हो गए हैं। जबकि डा. अरविंद के मत 59,976 हैं। वह चाहते हैं कि चुनाव परिणाम को अब चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाए।
वहीं एसडीएम से जब पूछा गया तो उन्होंने नंबर दो और नंबर तीन के बारे में तो कुछ भी बोलने से परहेज किया। हालांकि त्रुटि की बात स्वीकार की। साथ ही कहा कि चुनाव परिणाम पर कोई अंतर नहीं पड़ा है। जबकि जियाउर्रहमान बर्क का कहना है जब फाइनल रिजल्ट आ गया तो उसमें संशोधन का अधिकार किसे है? इस बात को देखा जाए।