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बारिश से बाजरा, सरसों, आलू और धान की फसल तबाह

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संभल। जिल में दो दिन से हो रही बेमौसम बारिश से किसानों की बाजरा, सरसों, आलू और धान की फसल बर्बाद हो गई है। जिससे किसान चिंचित हैं। कृषि विभाग के द्वारा बर्बाद हुई फसल के लिए किसानों को दो टोल फ्री नंबर जारी कर दिए गए हैं। जिससे किसान बर्बाद हुई फसल की सूचना आसानी से दर्ज करा सकें।
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जिले में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश में बाजरा, आलू, धान की फसल पानी में डूब चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान आलू की फसल को हुआ है। किसानों को आलू की फसल फिर से लगानी पड़ेगी। धान की फसल बारिश के पानी में तैर रही है। खेत में भरे पानी से धाना का दाना काला पड़ने की उम्मीद है। जिससे किसानों को धान बेचने में जहां दिक्कत आएगी वहीं लागत भी पूरी नहीं मिलेगी।
इसके अलावा जिले में कई हेक्टेयर से अधिक आलू की फसल बर्बाद हो चुकी है। जिन किसानों ने फसल का बीमा भी कराया है उनको भी बीमा कंपनियों के द्वारा कोई राहत भरी खबर नहीं आई है। किसान बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मौसम साफ होने के बाद ही बर्बाद हुई फसल का आंकलन किया जाएगा।
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पंद्रह बीघा आलू की फसल एक हफ्ते पहले ही लगाई थी। बेमौसम बारिश का पानी खेत में भरे जाने से आलू की फसल बर्बाद हो गई। एक बीघा आलू की फसल लगाने में करीब सात हजार पांच सौ रुपये की लागत लगती है। पंद्रह बीघा आलू की फसल में करीब 1.12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
किशन पाल यादव, किसान
दो दिन से हो रही झमाझम बारिश के पानी में तीन बीघा धान की फसल डूब कर बर्बाद हो चुकी है। मौसम साफ होने के बाद धान की फसल को थोड़ा साफ किया जाएगा। उसके बाद भी फसल ओने-पौने में ही बिकेगा। फसल खराब होने से करीब 25 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
आसाराम, किसान
बेमौसम बारिश से 24 बीघा आलू की फसल बर्बाद हुई है। धान बेचकर आलू की फसल लगाई थी। जिसमें करीब 1.80 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। अब फिर से आलू की फसल लगाने के लिए रुपये नहीं बचे हैं।
चंद्रपाल सिंह, किसान
बारह बीघा धान की फसल बारिश के पानी में डूब कर बर्बाद हो गई है। खेत में अभी भी पानी मेड़ तक भरा हुआ है। फसल के खराब होने से करीब 96 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन के द्वारा अभी तक राहत भरी खबर नहीं दी गई है। सरकार बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दे।
कुंवरपाल सिंह, किसान
बारिश से आलू, धान, बाजरा और सरसों की फसल की बर्बादी का आंकलन बारिश बंद होने के बाद ही किया जाएगा। आंकलन उन्हीं किसानों का किया जाएगा, जिन किसानों का फसल बीमा होगा। जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं कराया है उन किसानों का आंकलन शासन के आदेश के आधार पर ही किया जाएगा। किसान खुद भी बर्बाद हुई फसल की शिकायत टोल फ्री नंबर-180088968, 18001035499 पर दर्ज करा सकते हैं।
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देशराज सिंह, एडीओ कृषि, पवांसा
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