चंदौसी(संभल)। रेलवे स्टेशन परिसर में खड़े दो ई-रिक्शा सीज करने पर नाराज ई-रिक्शा चालक अधिवक्ताओं के संग आरपीएफ कार्यालय पहुंचे और जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाया। कहा कि बाहरी लोग जबरन उन्हें स्टेशन परिसर के अंदर ले जाते हैं और आरपीएफ कार्रवाई करती है। इस दौरान अधिवक्ताओं की आरपीएफ से नोकझोंक भी हो गई। आरपीएफ प्रभारी के समझाने पर मामला शांत हुआ। रेलवे स्टेशन के परिसर में खड़े दो ई-रिक्शा को बुधवार दोपहर आरपीएफ ने सीज कर दिया। देर शाम ई-रिक्शा चालक कुछ अधिवक्ताओं के साथ आरपीएफ कार्यालय पहुंचे और आरोप लगाया कि आरपीएफ के कहने पर बाहरी युवक ई-रिक्शा को रेलवे परिसर में लेकर आते हैं और आरपीएफ कार्रवाई करती है। अधिवक्ताओं ने आरपीएफ को एक वीडियो भी दिखाया। वीडियो में कुछ लोग ई-रिक्शा चालकों को अंदर लाते हुए दिखाई दे रहे थे। बाद में आरपीएफ प्रभारी गोविंद सिंह के समझाने पर मामला शांत हुआ और चालक अपना ई-रिक्शा लेकर चले गए।
आरपीएफ प्रभारी गोविंद सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत सौंदर्यीकरण का कार्य हो रहा है। ऐसे में आरपीएफ कार्यालय के पीछे वाले गेट पर आवागमन करने में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यात्रियों की शिकायत पर आरपीएफ ने अभियान चलाकर दो ई-रिक्शा का चालान करने की कार्रवाई की।