बहजोई। दूसरे दिन भी नगर के बड़ा मैदान पर जिले भर के एंबुलेंसकर्मी एंबुलेंस खड़ी कर धरने पर बैठे। कंपनी की ओर से नई तैनाती के विरोध में एंबुलेंसकर्मी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच जिले में 40 एंबुलेंस पर तैनात 226 एंबुलेंसकर्मियों की रोजी-रोटी पर संकट छाया हुआ है।
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के एएलएस, 108,102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले किए जा रहे धरने के दौरान जिलाध्यक्ष नीलम सिंह ने बताया कि बीते दिनों सीएमओ दफ्तर परिसर में तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन के बाद जब सरकार व कंपनी की ओर से कोई तबज्जो नहीं दी गई, तो सोमवार को कलक्ट्रेट से सटे बड़ा मैदान पर जिले भर की एंबुलेंस खड़ी कर धरना-प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया गया। देर शाम तक सरकार व कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। अब दूसरे दिन मंगलवार को भी संघ के पदाधिकारी व एंबुलेंसकर्मी धरने पर जुटे रहे।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि सरकार की ओर से नई कंपनी को एंबुलेंसों का संचालन करने के लिए कमान सौंपी गई है। अब नई कंपनी की ओर से प्रदेश भर की 250 एएलएस एंबुलेंसों पर तैनात 2500 कर्मचारियों को हटाकर नए कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है।
ऐसे में एंबुलेंसों पर तैनात कर्मचारियों पर रोजी-रोटी का संकट छाया है। ऐसे में पहले से ही तैनात कर्मचारियों को एंबुलेंसों से न हटाया जाए। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात में भी एंबुलेंसकर्मी बड़ा मैदान पर चल रहे धरने में जुटे रहे। वहीं मंगलवार को भी देर शाम तक एंबुलेंसकर्मी धरने पर रहे। इस बीच शिशुपाल सिंह, लालाराम, प्रवेश कुमार, हरीपाल, मुकेश, गिरीश कुमार, प्रद्युम्न, गोगेश, मानपाल, त्रिवेणी, मोहित कुमार, अनिल कुमार, चंद्रपाल, अग्रपाल, वीरपाल, निरंजन लाल, हेमपाल, दिनेश, बनवारी लाल, प्रेमकुमार, उमेश चंद्र, निषाद व नाजिमा आदि मौजूद रहे।