अलीगढ़ से आईएस के दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार करने के बाद एटीएस की टीम संभल जिले से चार युवकों को उठाकर ले गई है। इसमें चंदौसी के जाट कॉलोनी निवासी नावेद सिद्दीकी (24) और तीन युवक संभल के हैं। नावेद सिद्दीकी और संभल निवासी दो युवक एएमयू के छात्र रह चुके हैं। हालांकि स्थानीय पुलिस मामले से अनभिज्ञता जता रही है।
नावेद सिद्दीकी मूल रूप से रामपुर के विकासनगर कॉलोनी का निवासी है। नावेद ने बीते वर्ष एएमयू से बीएससी की है और वर्तमान में वह उत्तराखंड के गदरपुर में अपने रिश्तेदार के साथ रह रहा था। वहां पर तालाब में मछली पालन का काम था। एटीएस रविवार को गदरपुर से नावेद को लेकर संभल आई और संभल के तीन और युवकों को उठाकर अपने साथ ले गई। एटीएस के आने व युवकों को साथ लेकर जाने की किसी को भनक तक नहीं लगी।
एटीएस के जिले से चार युवकों को उठाकर ले जाने के मामले में भले ही पुलिस और खुफिया विभाग अनभिज्ञता जता रहे हो, लेकिन खुफिया विभाग भी जांच में जुटा है। जिन युवकों को एटीएस अपने साथ ले गई, खुफिया विभाग उनकी जानकारी जुटा रहा है।
संभल के जिन तीन युवकों को एटीएस अपने साथ लेकर गई है। इनमें दो युवक एएमयू के पूर्व छात्र बताए जा रहे हैं। जबकि तीसरा युवक उनका साथी बताया जा रहा है। अलीगढ़ से गिरफ्तार हुए दो संदिग्ध आतंकियों के पास से एटीएस को जिहादी साहित्य, मोबाइल, पेन ड्राइव मिले थे। आरोपी स्थानीय युवकों को अपने साथ जोड़ते थे। सूत्रों के मुताबिक ये युवक एएमयू में पढाई के दौरान हुए आंदोलनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे।
एटीएस जिन चार युवकों को उठाकर ले गई है। उनमें से चंदौसी की जाट कॉलोनी निवासी नावेद ने बीते वर्ष एएमयू से बीएससी की है और अब एक माह से उत्तराखंड के गदरपुर में अपने रिश्तेदार के साथ तालाब पर मछली पालन कर रहा है। एक साल पहले पिता का निधन हो गया है।