चंदौसी (संभल)। अग्निपथ योजना के विरोध की आशंका में पुलिस ने चंदौसी रेलवे स्टेशन और बबराला के एक प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर के समीप से 68 युवाओं को पकड़ा। पांच घंटे तक पुलिस लाइन में रखने के बाद इन युवाओं को किसी भी आंदोलन में हिस्सा नहीं लेने की बात लिखित में दिए जाने के बाद शाम को रेलवे स्टेशन पर ले जाकर छोड़ दिया गया।
सोमवार को अग्निपथ योजना को लेकर भारत बंद की आशंका के तहत पुलिस पहले से ही अलर्ट रही। एडीएम केके अवस्थी व एएसपी आलोक कुमार जायसवाल सुबह दस बजे ही रेलवे स्टेशन पहुंच गए और वहां सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने तैनात पुलिस बल को निर्देश दिए कि युवाओं की टोली को ट्रेनों में सवार नहीं होने दें। सुबह 11 बजे रेलवे स्टेशन व आसपास से गुजर रहे 41 युवाओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर बहजोई स्थित पुलिस लाइन भेज दिया गया। उधर, बबराला में एक प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर पर पुलिस ने पहुंचकर 27 युवाओं को हिरासत में लेकर बस से पुलिस लाइन भेज दिया। इन सभी 68 युवाओं को पांच घंटे तक पुलिस लाइन में रखा गया। अग्निपथ योजना के बारे में जानकारी दी गई। और उनसे लिखित में लिया गया कि वे किसी भी आंदोलन में शामिल नहीं होंगे। शाम को सभी युवाओं को रेलवे स्टेशन पर ले जाकर छोड़ दिया गया।
शहर के मंडी समिति में भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान मौजूद रहे। पुलिस ने ड्रोन कैमरे उड़ाकर सुरक्षा व्यवस्था को परखा। पूरे दिन पुलिस व पीएचसी के जवान मंडी गेट व परिसर में तैनात रहे, जो आने-जाने वाले लोगों पर नजर बनाए हुए थे। रेलवे फाटक पर भी पुलिस बल को तैनात किया गया था। यहां ट्रेन गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बंद होने पर पुलिस कर्मी इधर-उधर घूमकर लोगों व युवाओं पर नजर बनाए थे। शहर में प्रमुख चौराहों, तिराहों पर भी पुलिस बल दिन भर तैनात रहा है। इसके अलावा सीओ दिनेश कुमार व प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड व प्रमुख बाजारों का भ्रमण करते रहे। दोपहर के समय डीएम मनीष बंसल भी रेलवे स्टेशन पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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कोचिंग सेंटरों पर अग्निपथ की दी जानकारी
चंदौसी। पुलिस ने शहर के कोचिंग सेंटरों पर जाकर युवाओं को अग्निपथ योजना के विषय में पूरी जानकारी देकर समझाया। कहा कि केंद्र सरकार द्वारा यह योजना युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके अलावा किसी के बहकावे में न आएं। युवाओं ने पुलिस अधिकारियों की बातों को ध्यान से सुना और किसी प्रकार की गड़बड़ी न करने की बात कही।
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अग्निपथ योजना के विरोध में रालोद और भाकियू असली ने तहसील परिसर में धरना दिया, सौंपा ज्ञापन
भाकियू असली और रालोद के कार्यकर्ता समेत तमाम लोग जुलूस की शक्ल में पहुंचे थे तहसील
संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। केंद्र सरकार की सैन्य बलों में भर्ती से जुड़ी अग्निपथ योजना के खिलाफ संभल जिले में राष्ट्रीय लोकदल के साथ भारतीय किसान यूनियन असली ने विरोध प्रदर्शन किया। ब्लाक परिसर में एकत्र हुए लोग जुलूस की शक्ल में तहसील परिसर जा पहुंचे और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। आधा घंटे तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें योजना को वापस लेने की मांग की गई है।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली और रालोद के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में लोग ब्लाक परिसर में एकत्र हुए थे। यहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर पहुंच गए। तहसील में नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। करीब आधा घंटे तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा। इसके बाद उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि देश में करीब 13.50 लाख सैनिक हैं। हर वर्ष सेना में से 50 हजार सैनिक सेवामुक्त होते हैं। अग्निपथ योजना के तहत सैनिकों की संख्या में कमी आएगी और देश की सीमाएं असुरक्षित हो जाएंगी। सेना के सर्वोच्च कमांडर और संविधान के संरक्षक होने के नाते राष्ट्रपति से अग्निपथ योजना के नुकसान का आंकलन और नौजवानों के भावनाओं की कद्र करते हुए योजना को वापस लेने की मांग की गई है। इस दौरान रालोद के जिलाध्यक्ष चौधरी प्रहलाद सिंह, चौधरी संजीव सिंह, दिनेश सिरोही, सरदार मुकेश सिंह, राजीव सिंह, गुफरान, अर्जुन चौधरी, मोहम्मद फाजिल, समरपाल सिंह,
अग्निपथ योजना के विरोध में भाकियू अअ (अराजनैतिक असली) ने कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा, पुलिस रही मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
बहजोई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली की ओर से अग्निपथ योजना के विरोध में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। नारेबाजी करते हुए पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा।
सोमवार को दोपहर 12 बजे करीब भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलक्ट्रेट के निकट एकत्र हुए। इसके बाद प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलक्ट्रेट के पिछले द्वार पर पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर सुनील कुमार त्रिवेदी को सौंपते हुए कहा कि बीते 15 जून 2022 को भारत सरकार के रक्षामंत्री की ओर से सेना भर्ती योजना अग्निपथ की घोषणा की गई थी। इसमें चार वर्ष की संविदा के तहत सैनिक भर्ती की बात कही गई थी। बीते तीन वर्ष से सेना में भर्ती पर रोक लगी हुई है। मेडिकल और फिटनेस टेस्ट होने के बावजूद हजारों नौजवान नौकरी की बाट जोह रहे थे। अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद किसान, मजदूर व गांवों में रह रहे अन्य परिवारों के नौजवानों के सेना में भर्ती होने के सपनों पर कुठाराघात हुआ है। चार वर्ष की अग्निपथ योजना में पेंशन का प्रावधान भी नहीं है। बावजूद इसके सेवानिवृत्त होने के बाद सैनिकों के समायोजन की योजना की स्पष्टता भी नहीं है। इसके चलते नौजवानों का भविष्य अंधकार में है। इससे नौजवानों में भी रोष है। अग्निपथ योजना के तहत देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाले सैनिकों की संख्या में भी कमी आएगी। ज्ञापन में प्रदेश सचिव आशिक रजा समेत जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव, वीरेश यादव, मोहनलाल, सर्वेश कुमार, ओमप्रकाश, तोताराम, बाबूराम प्रजापति, महावीर व वीरेंद्र सिंह राघव आदि के नाम हैं।