संवाद न्यूज एजेंसीरामपुर। नौकरी तो कोई जनकल्याणकारी योजना का लाभ पाने के चक्कर में आय, जाति-निवास प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अब तहसील के चक्कर काट रहे हैं। जबकि इन जनहित गारंटी के आवेदनों के निस्तारण की अवधि अधिकतम सात दिन निर्धारित है। रिपोर्ट लगने में देरी होने से आवेदक अब अपने क्षेत्र की लेखपाल की तलाश में भटक रहे हैं। इस तरह के आवेदकों की संख्या एक-दो नहीं बल्कि 463 है। जरूरी सेवाओं से जुड़े आवेदनों के निस्तारण में रामपुर सदर, मिलक और टांडा तहसीलें सबसे अधिक कमजोर साबित हो रही हैं। यह खुलासा अभी 21 जनवरी को हुई राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में हुआ।
हालांकि, जिन तहसीलों में आय, जाति-निवास प्रमाण पत्र के लिए प्राप्त आवेदनों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है, उनके एसडीएम-तहसीलदार से डीएम ने कड़ी आपत्ति भी जाहिर की है। तत्काल संबंधित आवेदन पत्रों पर लेखपाल से रिपोर्ट लगाकर प्रकरण निस्तारित करने की हिदायत भी दी है।
उधर, अजीतपुर के अहमद अली ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। राशन कार्ड बनवाने के लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत है। 50 रुपये खर्च कर एक महीने पहले ऑनलाइन आवेदन किया था। साइबर कैफे पर दिखवाया तो अभी तक आवेदन पर लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लग पाई है। तीन बार तहसील जाकर लेखपाल की भी तलाश की लेकिन, वह खोज नहीं मिले। इसी तरह सिविल लाइन के अमरीश ने बताया कि बेटे की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कराना है। इसमें आय प्रमाण पत्र की जरूरत रहेगी। आय प्रमाण पत्र के लिए डेढ़ महीने पहले आवेदन किया था लेकिन अभी तक निस्तारित नहीं हो सका है।
निश्चित समय पूरा होने के बाद भी 246 आवेदन लंबित
निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी 228 आय प्रमाणपत्र के आवेदन लंबित हैं। इनमें सबसे अधिक 82 आवेदन सदर तहसील के हैं और 74 टांडा के हैं। इसी तरह मिलक में 51, स्वार में 11 और स्वार एवं बिलासपुर तहसील में 5-5 आवेदन पत्र लंबित हैं। निवास प्रमाण पत्र के आवेदनों में 6 प्रकरण मिलक और पांच आवेदन पत्र सदर तहसील में लंबित पड़े हैं। जाति प्रमाण पत्र के आवेदनों में सदर तहसील में 6 और मिलक में एक आवेदन पत्र निस्तारित नहीं हो सका है।
जिले में सक्रिय हैं 1710 सीएससी
कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जिला प्रबंधक फैसल खान ने बताया कि जिले में दो हजार से अधिक सीएससी हैं। इसमें हर महीने औसतन 1710 सीएससी सक्रिय रहते हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी सीएससी पर 300 से अधिक ग्राहक सेवाएं उपलब्ध हैं। इनका अलग-अलग सेवाओं के मूल्य भी निर्धारित है। लेकिन आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन का शुल्क 30 रुपये है। दूसरी तरफ ई-डिस्टि्रक्ट प्रभारी फैजान ने बताया कि कलक्ट्रेट में जन सुविधा केंद्र नहीं है।
अब अधिक लंबित नहीं हैं आवेदन : एसडीएम सदर
सदर तहसील में जनहित के आवेदन सबसे अधिक लंबित हैं। इस मामले में एसडीएम मोनिका सिंह का कहना है कि बीच में लेखपाल आय, जाति व निवास के आवेदन निस्तारण नहीं कर रहे थे तो लंबित आवेदनों की संख्या पांच हजार हो गई थी। लेकिन, अब अधिक नहीं है। वैसे इन आवेदन के निस्तारण की अवधि एक सप्ताह निर्धारित है। इधर हम प्रतिदिन समीक्षा भी कर रहे हैं। सभी लेखपालों की लागिन पासवर्ड एनआइसी से रिसेट करा दिए थे। हो सकता है कि किसी का रिसेट होने से छूट गया हो।
लंबित आय, जाति-निवास के आवेदन पत्र
तहसील - आय - जाति - निवास
रामपुर सदर - 108 - 15- 15
टांडा - 100 - 52- 02
मिलक - 69 - 15- 22
स्वार - 24 - 00-07
शाहबाद - 08 - 07 - 11
बिलासपुर - 07 - 00 - 01
कुल - 316 - 89- 58
पोर्टल पर नहीं हो रहा लाॅग इन
राजस्व निरीक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि लेखपाल जिस बकाया राशि के लिए नाराज थे, उसके भुगतान के लिए डीएम ने आदेश कर दिया है लेकिन धनराशि अभी लेखपालों के बैंक खाते में नहीं पहुंची है। फिलहाल अब लेखपाल आय, जाति व निवास के आवेदन निस्तारित कर रहे हैं।
उप्र लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अमरीश कुमार ने बताया कि बकाया भुगतान को लेकर लेखपालों ने 17 दिसंबर 2024 से चार जनवरी तक आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के आवेदन निस्तारण के लिए पोर्टल पर काम नहीं किया। जिस कारण पोर्टल पर आइडी पासवर्ड रिजेक्ट हो गए हैं। जिसे दोबारा एनआईसी में बनवाया जा रहा है।