अवैध बूचड़ खानों पर सीएम आदित्यनाथ योगी की तिरछी नजर देख जिला प्रशासन भी एक्शन में आ गया है। जहां कभी-कभार चेकिंग के नाम पर प्रशासन मीट फैक्ट्रियों में रस्म अदायगी करके लौट आता था वहां शनिवार को घंटों छानबीन की गई। खामियां पाए जाने पर संभल की तीन नामचीन फैक्ट्रियों के स्लाटर हाउस सील कर दिए। इसको लेकर जिलाधिकारी पूरे दिन संभल में डेरा डाले रहे।
डीएम ने खुद फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया। इसके बाद पहुंचे एडीएम ने पुलिस लेकर फैक्ट्रियों के स्लाटर हाउस सील कराए। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालकों ने आक्रोश व्यक्त किया-बहस भी की, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं संचालकों का कहना है कि, अधिकारियों से कमी पूछी तो किसी ने जवाब नहीं दिया।
संभल जिले के चिमियावली में इंडिया फ्रोजन फूड्स, अल रहमान फ्रोजन फूड्स, अल फलाह फ्रोजन फूड्स के नाम से तीन बड़ी मीट फैक्ट्रियों पर शनिवार को जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी ने सरकारी अमले और पुलिस के साथ छापेमारी की।
स्लाटर हाउसों में प्रॉपर सीसीटीवी कैमरे तो लगे थे लेकिन उनकी रिकार्डिंग तत्काल देखने के लिए नहीं मिल सकी। जिलाधिकारी ने स्लाटिंग की वीडियो रिकार्डिंग मांगी, मगर संचालक रिकार्डिंग नहीं दिखा सके। एक फैक्ट्री में डीएम ने खुद कंप्यूटर से रिकार्डिंग के वीडियो खंगालने की कोशिश की, मगर सफलता नहीं मिली।
इसके बाद डीएम लौट आए। दोपहर बाद एडीएम आरपी यादव और एएसपी रामसूरत यादव के नेतृत्व में एक टीम पहुंची जिसमें तहसीलदार श्रवण कुमार, नायब तहसीलदार नितिन तनेजा और कोतवाली के इंस्पेक्टर बृजमोहन गिरी के साथ फोर्स थी। इस टीम ने एक-एक करके तीनों फैक्ट्रियों के स्लाटर हाउसों को सील कर दिया।
इस कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री मालिकों ने आक्रोश जाहिर किया। फैक्ट्री मालिक इरफान का कहना है कि, एडीएम से पूछा कि कमी क्या है। क्यों सील की जा रही है फैक्ट्री। इस पर एडीएम ने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।
न ही किसी फैक्ट्री संचालक कोई कमी बताई गई। कार्रवाई के दौरान न ही किसी तरह का नोटिस दिया गया। अलबत्ता देर शाम फैक्ट्री संचालकों को इंस्पेक्टर के जरिए एक नोटिस भेजा गया था। जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि तीनों फैक्ट्रियों में कुछ न कुछ कमियां थीं।
कहीं सीसीटीवी कैमरे प्रॉपर वर्क नहीं कर रहे थे तो कहीं प्रत्येक पशु का एंटी मार्टम रिकार्ड नहीं था। लाइसेंस के मानक पूरे नहीं थे। लाइसेंस संबंधी मानकों को पूरा न किए जाने की वजह से फैक्ट्रियों को सील किया गया है।