संभल। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन खूब रफ्तार भर रहे हैं। फिलहाल टोल भी नहीं लिया जा रहा है। टोल बूथ पर वाहनों को रोक कर उनकी एंट्री की जा रही है। खिरनी टोल के मैनेजर प्रकाश कालभोर ने बताया कि कंपनी का अगला निर्देश जारी होने पर ही वाहनों से टोल फीस ली जाएगी। फिलहाल निशुल्क सेवा है। वाहनों की आवाजाही कम है। लेकिन लोगों को जानकारी जैसे होगी वैसे वह इसका उपयोग करेंगे। इसके बाद वाहनों की संख्या दिनों दिन बढ़ जाएगी।
संभल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे 38.650 किलोमीटर लंबा है। जिले के 31 गांवों से होकर गुजर रहा है। इंटरचेंज खिरनी मोहिउद्दीनपुर और लहरावन में बनाए गए हैं। बृहस्पतिवार को वाहनों की आवाजाही की टोल पर जानकारी की तो कर्मचारियों ने बताया कि बुधवार की शाम पांच बजे से बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे तक करीब एक हजार वाहन गुजरे हैं। इसमें ज्यादातर कारें शामिल हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि कारें पूरी रफ्तार पर दौड़ रही हैं। जिन कार चालकों की एंट्री बूथ पर की जा रही हैं उनमें कई ने 200 तक रफ्तार से कार दौड़ाने की बात बताई है। दरअसल कार्यदायी संस्था ने कार की रफ्तार 120, बस की 100 और मालवाहक वाहनों की 80 गति तय की है। फिलहाल टोल फ्री है और वाहनों की संख्या काफी कम तो कार चालक पूरी रफ्तार से दौड़ा रहे हैं।
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बहजोई से हापुड़ इंटरचेंज पर 40 से 50 मिनट में पहुंच रहे कार चालक
बहजोई से हापुड़ इंटरचेंज तक पहुंचने में 40 से 50 मिनट का समय लग रहा है। बहजोई से हापुड़ 127 किलोमीटर दूर है। बहजोई निवासी शिवम वार्ष्णेय ने बताया कि उन्होंने बुधवार की रात को बहजोई इंटरचेंज से गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रवेश किया था। 40 मिनट में हापुड़ इंटरचेंज पर पहुंच गए थे। बताया कि संभल से हसनपुर होकर जाने में तीन घंटे का समय लगता था। कई जगह जाम का भी सामना करना पड़ता था लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे समय की बचत करा रहा है।
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500 हेक्टेयर क्षेत्र में बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनेगा, हस्तशिल्प समेत कई कारोबार को लगेंगे पंख
गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज के नजदीक ही 500 हेक्टेयर क्षेत्र में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन रहा है। जमीन क्रय कर ली गई है। जो जमीन बाकी है वह प्रक्रिया में है। प्रशासन ने जमीन चिन्हित कर यूपीडा को रिपोर्ट भेज दी है। इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के बनने से संभल के मेंथा, हैंडीक्राफ्ट व खाद्य प्रसंस्करण आदि कारोबार को पंख लग जाएंगे। अन्य इंडस्ट्रीज आएंगी तो रोजगार मिलेगा। इससे जिले का विकास भी तेजी से होगा।
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