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सहारनपुर से नेताजी देंगे मोदी को ‘जवाब’

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भाजपा के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली के बाद प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी के माथे पर बल पड़ने लगा है। मुजफ्फरनगर दंगों के बाद मेरठ में गुजरात के मुख्यमंत्री की रैली कर भाजपा ने कार्यकर्ताओं में जान फूंकने की कोशिश की है।
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ऐसे में पश्चिमी यूपी में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए सपा सहारनपुर रैली से भाजपा और मोदी पर पलटवार करेगी।

ऐसे में न केवल प्रदेश के सपा सरकार के नेता मोदी के तीरों से लगे जख्म का मरहम तलाश रहे हैं। बल्कि वेस्ट यूपी के तमाम मुद्दों पर भाजपा की घेराबंदी की भी तैयारी करेंगे।

मुलायम और अखिलेश करेंगे रैली

रविवार को विजय शंखनाथ रैली में नरेंद्र मोदी का सीधा निशाना केंद्र की कांग्रेस और प्रदेश की सपा सरकार पर रहा। मोदी ने गन्ना किसानों का दर्द और महिला सुरक्षा पर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

हालांकि इनमें भले ही स्थानीय मुद्दों को नहीं उठाया गया हो, मगर प्रदेश सरकार पर हमलावर मोदी को जवाब देने के लिए सहारनपुर की जमीन तैयार की जा रही है।

यहां मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के बाद सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रैली करेंगे।
ऐसे में तय है कि नौ दिन बाद सपा मेरठ रैली में मंच से उठे एक-एक आरोप का जवाब देगी और उन्हीं मुद्दों पर भाजपा को घेरने की तैयारी करेगी।

मुसलमानों को रिझाने की कोशिश में सपा

सपा ने इस रैली को मोदी की रैली के बाद इसलिए रखा है, क्योंकि मोदी की जनसभा से वेस्ट यूपी के माहौल में जमीन आसानी से तलाशी जा सके।

बता दें कि सहारनपुर में होने वाली सपा की रैली में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी को मुख्य अतिथि बनाया गया है। इससे मोदी की रैली के बाद सपा मुसलमानों को रिझाने की भी कोशिश करेगी।

एक तरफ जहां मुजफ्फरनगर दंगों के बाद भाजपा जाट और हिंदू वोट बैंक को रिझाने में लगी है तो दूसरी तरफ सपा मुस्लिम वोट बैंक को पाले से खिसकने नहीं देना चाहती। रविवार को मोदी की रैली के बाद सहारनपुर में होने वाली सपा की रैली की भी स्क्रिप्ट तैयार होने लगी है।

मोदी ने दिया सिंगल रेल लाइन का मुद्दा

कई राज्यों की सीमाओं पर बसे सहारनपुर का भले ही जिक्र मोदी के भाषण में नहीं आया हो, मगर नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर से मेरठ के बीच सिंगल रेल लाइन का मुद्दा उठाया।

दरअसल, सहारनपुर से मेरठ तक सिंगल रेल ट्रैक है और लंबे समय से इसके दोहरीकरण की मांग उठ रही है।

मोदी ने कांग्रेस की तुलना अंग्रेजों से की और यहां तक कहां कि मेरठ से गुस्सा होने के कारण यहां रेल लाइन नहीं पड़ी। कांग्रेस को आखिर क्या गुस्सा है, जो यहां रेलवे सुविधा नहीं दे रही है।
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सांसद के सामने बढ़ेगी मुसीबत

लोकसभा चुनाव से पहले मोदी के सिंगल रेल लाइन के मु्ददे के बाद तय है कि भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी इसे स्थानीय मुद्दे के रूप में उठाएंगे।

इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा दिक्कत मौजूदा सांसद जगदीश राणा को आएगी। कारण, सांसद बनने के बाद से लगातार सहारनपुर से मेरठ के बीच दोहरीकरण की मांग उठ रही है, मगर मांग पूरी नहीं हुई।

हालांकि पिछले रेल बजट में शामली से टपरी के बीच जरूर दोहरीकरण का प्रस्ताव आया था। ऐसे में भाजपा इस मुद्दे पर सांसद को घेर सकती है।
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