जन्म से ही पाकिस्तान में रहने को मजबूर सलमान की 19 बरस बाद भारत में
वापसी होगी। परिजन उसके स्वागत के लिए पलकें बिछाए बेटे के आने का इंतजार
कर रहे हैं।
बुधवार शाम सलमान के पिता वकार हुसैन ने कराची से अमर उजाला को इसकी जानकारी दी।
बुधवार शाम पौने सात बजे। 00923.. सीरीज नंबर से संवाददाता के पास कॉल आई। अस्सलामालेयकुम जनाब..! जनाब, मैं इस वक्त कराची में हूं..! आप कैसे हैं? अल्लाह के करम से बेटे के पासपोर्ट के लिए बुधवार को ही ऑनलाइन फार्म भर दिया है, जिसकी फीस 11,500 रुपये जमा हो गई है।
जी हां, यह आवाज अलीगढ़ में जयगंज के मोहल्ला पठानान निवासी वकार हुसैन की थी, जो बीते 19 बरसों से बेटे की जुदाई में आंसू बहा रहे थे।
वर्षों पहले पाकिस्तान गए वकार दपंति को मजबूरी में अपने बेटे को वहीं छोड़कर आना पड़ा था। तभी से वह अपने बेटे को वापस भारत लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं।
फोन पर वकार के अल्फाज ही बेटे को पाने की खुशी को बयां कर रहे थे। वकार बोले, 'अब दस्तावेज लेकर इसलामाबाद जाना है। बस यही थोड़ी सी मुश्किल सामने आ रही है।'
भारतीय पासपोर्ट
बकौल वकार, 'पाकिस्तानी सरकार से इस वक्त कराची से इसलामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग जाने की परमीशन नहीं मिल रही है। कराची के डीआईजी और प्रशासनिक अधिकारियों से मंजूरी मांगी है। मंजूरी मिलते ही इसलामाबाद जाकर दस्तावेज पेश करेंगे। इसके बाद प्रक्रिया पूरी होने पर सलमान का पासपोर्ट बन सकेगा।'
पासपोर्ट बनने के बाद ही सलमान के भारत आने का रास्ता साफ होगा। उन्होंने बताया कि अभी दो दिन पहले कराची नगर निगम से सलमान के पाकिस्तानी मूल का नागरिक न होने का प्रमाण पत्र मिला है, जिससे भारतीय पासपोर्ट बनवाने में काफी मदद मिलेगी।
वकार ने बताया कि यह सभी दस्तावेज भारतीय उच्चायोग में जमा कराने हैं। अल्लाह का करम हुआ तो सलमान को जल्द ही भारतीय पासपोर्ट मिल जाएगा, जिससे उसके वतन आने का रास्ता साफ हो जाएगा।