पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में रामपुर मनिहारान ब्लाक के रामपुर देहात, नौरंगपुर और कालाहेड़ी गांवों में फर्जी मतदान को लेकर पुलिस से कहासुनी और आपस में मारपीट की घटनाएं हुईं।
रामपुर देहात में तो मामला गरमाता देख अर्धसैनिक बलों के जवानों ने आपस में लड़ रहे युवकों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। मतदान केंद्र के बाहर लगाए बस्ते तक उखाड़ फेंके।
रामपुर देहात ग्राम सभा के जैन इंटर कॉलेज में स्थित मतदान केंद्र के एक बूथ पर फर्जी मतदान की शिकायत को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मौके पर पहुंची एसडीएम विभा चहल व जोनल मजिस्ट्रेट ने मतदान करा रहे कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वह मतदान कर्ता की आईडी और कोई आईडी न होने पर मुखिया के राशन कार्ड के आधार पर वोट डलवा सकता है।
बिना इन प्रमाण पत्रों के किसी को वोट न डालने दिया जाए। यहां निवर्तमान ग्राम प्रधान संजय राठी ने मतदानकर्मियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने आधार कार्ड में हुई गलतियों का बहाना कर काफी मतदाताओं को बिना वोट डाले ही वापस भेज दिया।
मतदान समाप्त होने एक आधा घंटे पहले इसी मतदान केंद्र पर दो प्रत्याशियों के समर्थकों में मारपीट हो गई। मामला बढ़ता देख अर्ध सैनिक बलों के जवानों ने आपस में लड़ रहे युवकों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। यहां मतदान केंद्र के पास लगाए गए बस्तों को भी जवानों ने उखाड़ फेंका।
इन बस्तों पर ही भीड़ जमा थी। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी महेंद्र यादव व एसडीएम विभा चहल ने करीब छह लोगों को हिरासत में लेकर थाने पर बैठा लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। गांव नौरंगपुर में मतदान स्थल से एक पुलिसकर्मी द्वारा भीड़ को बाहर निकालने व वहीं पर तैनात एक होमगार्ड द्वारा इसका विरोध करने को लेकर ग्रामीण पुलिस से भिड़ गए।
मौके पर पहुंचे भारी पुलिस बल ने किसी तरह मामले को शांत कराया। बताया जाता है कि जिस होमगार्ड की वजह से मामले ने तूल पकड़ा वह शराब के नशे में था। गांव कालाहेड़ी में भी फर्जी मतदान को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई। पुलिस ने लड़ रहे युवकों को अलग कराकर मामला शांत कराया।