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Saharanpur News: निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान युवक की मौत, परिजनों का पांच घंटे तक हंगामा

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आक्रोशित परिजनों ने की सड़क पर जाम लगाने की कोशिश, पुलिस के समझाने पर माने
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शहर के कैराना रोड स्थित निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार रात ऑपरेशन के दौरान सावन कश्यप (18) की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर रात में ही पांच घंटे तक हंगामा किया और सड़क जाम करने की कोशिश की। पुलिस के समझाने पर परिजन शांत हुए। परिजनों की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई। परिजनों के मुताबिक युवक का अग्निवीर भर्ती में चयन हो गया था और नवंबर महीने में जॉइनिंग होनी थी। युवक की मौत पर
आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के कस्बा बनत निवासी सावन पुत्र धर्मवीर कश्यप को पेट में दर्द होने की शिकायत पर परिजनों ने बृहस्पतिवार सुबह शामली के निजी अस्पताल में भर्ती किया था। चिकित्सक ने युवक का बीपी कम होना बताकर उपचार शुरू किया। बहन आरती व पूजा ने बताया कि चिकित्सक ने पेट की अल्ट्रासाउंड जांच कराई, जिसमें उन्होंने आंत में छेद होना बताया और कहा कि तीन टांके का छोटा ऑपरेशन होगा। उनसे ऑपरेशन के 18 हजार रुपये जमा करा लिए। देर शाम को चिकित्सक ने युवक का ऑपरेशन किया। एक घंटे बाद चिकित्सक ने परिजनों को गुमराह करते हुए युवक की हालत गंभीर बताते हुए उसे बाहर ले जाने को कहा। साथ ही पिता की जेब में ऑपरेशन के लिए गए रुपये भी डाल दिए। जब वे युवक के पास पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने उनका पेट फाड़कर टांके लगा रखे थे।
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युवक की मौत होने पर परिजनों ने रात में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने चिकित्सक पर उपचार व ऑपरेशन में लापरवाही से युवक की मौत होने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर सड़क जाम करने की कोशिश की। हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस के साथ सीओ सिटी जितेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत किया। पुलिस ने सीएमओ डॉ. तृतीय कुमार सक्सेना को जानकारी दी। सीएमओ के निर्देश पर सह नोडल डॉ. दीपक कुमार ने पहुंचकर जानकारी ली। करीब पांच घंटे बाद रात करीब तीन बजे परिजन माने और बिना कार्रवाई के शव को घर ले गए। शुक्रवार सुबह शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था सावन, देश सेवा करने का सपना रह गया अधूरा
सावन चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। सबसे बड़ा भाई रूपेश है, जो घर पर ही रहकर कार्य करता हैं। उनसे छोटे सावन थे। इनसे छोटी दो बहन आरती व पूजा है। आरती ने रोते हुए बताया कि उनके भाई सावन का अग्निवीर भर्ती में चयन हो चुका था। उनका फिजिकल व मेडिकल हो चुका था। कान में मामूली परेशानी बताते हुए 26 सितंबर को दोबारा मेरठ में मेडिकल के लिए बुलाया गया था। मेडिकल क्लियर होने पर नवंबर में उनकी जॉइनिंग होनी थी। सावन की इच्छा देश सेवा करने की थी, लेकिन उनका यह सपना अधूरा रहा गया। दोनों बहनों व मां ने सरकार से बड़े बेटे रूपेश को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की।
पिता को ब्लेड लेने भेजा, बेटे को ऑपरेशन के लिए ले गए
बहन पूजा ने बताया कि चिकित्सक ने उनके पिता को ब्लेड लेने के लिए दुकान पर भेज दिया। इसी दौरान चिकित्सक उनके भाई सावन को ऑपरेशन के लिए ले जाने लगे। उस समय उनके भाई की हालत सामान्य थी। उसने चिकित्सक से कहा कि उनके पिता को आ जाने दो लेकिन उसकी बात नहीं सुनी और उसके भाई को ले गए। उसने रोते हुए कहा कि उसे क्या पता था कि अब उसका भाई कभी वापस नहीं आएगा।
परिजनों की तरफ से इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया है। इसमें कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
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- जितेंद्र सिंह यादव, सीओ सिटी
18 दिन पहले दूसरे निजी अस्पताल में हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत
शहर में 18 दिन पहले सात सितंबर को आदर्श मंडी थानाक्षेत्र में मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित निजी अस्पताल में नवजात की मौत के अगले दिन जच्चा की भी मौत हो गई थी। इसे लेकर परिजनों ने अस्पताल पर शव रखकर कई घंटे तक हंगामा किया था। बाद में समझौता होने पर परिजन बिना कार्रवाई के शव ले गए थे।
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