- अदालत के आदेश पर एक नामजद सहित पांच पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद (सहारनपुर)। फर्जी एसटीएफ कर्मचारी बनकर युवक के अपहरण के प्रयास के मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने एक नामजद और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के चंदेना कोली गांव निवासी अंकित कुमार ने एसीजेएम न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसमें बताया गया था कि उसके परिचित विकल्प कुमार ने उत्तराखंड रोडवेज में संविदा पर नौकरी दिलाने के नाम पर चरथावल क्षेत्र के गुनिया जुड्डी गांव निवासी मुकेश सैनी को दो लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि जब काफी समय तक नौकरी न लगने पर रकम वापस मांगी गई तो आरोपी उससे रंजिश रखने लगा।
आरोप लगाया कि 18 जून को वह खेत पर था। इसी दौरान मुकेश सैनी अपने चार साथियों के साथ हूटर लगी बोलेरो कार में पहुंचा। उसने गांव में खुद को उत्तराखंड एसटीएफ का कर्मचारी बताया और उसके बारे में जानकारी की। इसके बाद वह खेत में पहुंचे और तमंचे के बल पर उसे जबरन कार में बैठा लिया। अंकित ने याचिका में बताया कि भायला गांव में डिग्री कॉलेज के सामने भीड़ के कारण कार की गति धीमी हुई तो उसने चलती कार से छलांग लगा दी।
शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घटना क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई है। बताया कि घटना के बाद पहले कोतवाली बाद में एसएसपी के यहां शिकायत दी गई। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकेश सैनी व चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सीओ अमित कुमार का कहना है मामले की जांच शुरू कर दी है।