सहारनपुर। शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा है। पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 11 हजार से अधिक बच्चों की लंबाई और वजन कम है। इसमें भी सबसे अधिक संख्या महानगर के बच्चों की हैं। जिले में करीब तीन हजार आंगनबाड़ी केंद्र है। इन पर 2.39 लाख बच्चे शून्य से पांच वर्ष तक के पंजीकृत हैं। पिछले महीने इनमें से 2.37 लाख बच्चों के वजन और लंबाई को पोषण ट्रैकर एप पर अपलोड किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह के मुताबिक बच्चों की लंबाई कम होने के कई कारण होते हैं। सबसे अहम माना जाता है गर्भावस्था के दौरान उचित पौष्टिक आहार की कमी। साथ ही सही से देखभाल का न होना। इसके अलावा आनुवांशिक कारण भी जिम्मेदार होते हैं।
- महानगर में सबसे अधिक बच्चों की लंबाई कम
पोषण ट्रैकर की रिपोर्ट के अनुसार बलियाखेड़ी में 1061 बच्चों की लंबाई कम मिली। महानगर में 1397 बच्चों की लंबाई कम हैं। इसी तरह देवबंद में 623, गंगोह में 1037, रामपुर मनिहारान में 671, मुजफ्फराबाद में 1297, नागल में 900, नकुड़ में 791, नानौता में 632, पुंवारका में 1207, सढौली कदीम में 1198, सरसावा में 1167 बच्चों की लंबाई मानक से कम मिली हैं।
- इतना होना चाहिए पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन और लंबाई
मानकों के अनुसार बच्चों का वजन उम्र और लिंग के अनुसार अलग-अलग होता है। एक वर्ष के बालक का औसत वजन 10.2 किलो, लड़की का 9.5 किलो होना चाहिए। दो से तीन वर्ष में लड़के का वजन 12.3 से 16 किलोग्राम होना चाहिए। लड़की का 12 से 15 किलोग्राम होना जरूरी है। तीन से पांच वर्ष के लड़के का वजन 14 से 17 और लड़की का 14 से 16 किलोग्राम होना चाहिए। छह महीने के बच्चे की लंबाई 65 से 67 सेंटीमीटर के बीच होनी चाहिए। इसी तरह एक वर्ष के बच्चे की लंबाई 74 से 76, दो वर्ष के बच्चे की 85 से 87 और चार वर्ष के बच्चे की लंबाई सौ से 104 सेंटीमीटर के बीच होनी चाहिए।