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कोरोना महामारी, इतिहास खोलता रहा है आंखें

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1907 में प्लेग के कारण हुई मौतों की तस्दीक करता किताब के पेज का चित्र। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। डब्ल्यूएचओ नोवल कोरोना को महामारी घोषित कर चुका है। सहारनपुर मंडल में भी एक पॉजिटिव केस सामने आया है। इसके बाद भी कुछ लोग लापरवाह बने हुए है और सावधानी के बजाय एडवाइजरी का उल्लंघन कर सड़कों पर निकल रहे हैं। ऐसे लोगों को महामारी की गंभीरता को समझने के लिए पूर्व में देश और दुनिया में तबाही मचा चुकी महामारियों के बारे में जान लेना चाहिए।
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शोभित विश्वविद्यालय सहारनपुर के हैरिटेज सेंटर के कोर्डिनेटर एवं इतिहास के जानकार राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ ने बताया कि अभी तक दुनिया में प्लेग सबसे बड़ी महामारी के रूप में रहा है, जिसने दुनिया भर में एक नहीं अनेक बार तबाही मचाई। भारत में 1907 में प्लेग का सबसे अधिक प्रभाव रहा था, जिसमें एक करोड़ 30 लाख लोगों की जान गई थी। करीब 40 साल पहले पुस्तक महल से प्रकाशित किताब में भी इसका जिक्र है। 1347 में प्लेग के कारण यूरोप, एशिया, उत्तर अफ्रीका और अरब में आधी आबादी यानी करीब तीन से पांच करोड़ लोगों की मौतें हुई थी। ऐसे में कोरोना को लेकर जारी एडवाइजरी को प्रत्येक व्यक्ति को गंभीरता से पालन करना चाहिए।
महामारी की भेंट चढ़ गई सभ्यताएं
सिंधु सभ्यता दुनिया की सबसे प्राचीनतम शहरी सभ्यता थी, जो भारत और आज के पाकिस्तान के 12 लाख 99 हजार 600 वर्ग किलोमीटर में फैली थी। इसके पतन के कई सिद्धांत बताए गए हैं। किसी ने आर्य के आक्रमण की थ्योरी दी है तो किसी ने व्यापार का पतन और किसी ने नदियों का मार्ग परिवर्तन को कारण बताया है। राजीव उपाध्याय ने बताया कि अमेरिकी इतिहासविद् केनेडी ने कई कंकालों पर अध्ययन के बाद माना कि यह सभ्यता किसी मलेरिया जैसी महामारी के कारण नष्ट हुई। केवल एक की मृत्य का कारण चोट आया था। राजीव उपाध्याय ने बताया कि नॉर्थ कैरोलिना की एप्पलचियन स्टेट यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर रहे डॉक्टर ग्वेन रॉबिंस ने भी माना कि सिंधु सभ्यता को नष्ट करने में संक्रामक रोग का हाथ था। कंकालों में किसी संक्रामक बीमारी के अंश थे।
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ये हैं वो बीमारी, जिन्हें घोषित किया गया था महामारी
चेचक, मलेरिया, तपैदिक, पोलियो, कुष्ठ, निमोनिया, डिप्थीरियां हैजा, रैबीज, डेंगू, मिर्गी, टिटनेस महामारी की श्रेणी में रहे हैं। बाद में कुछ बीमारियों के पूर्ण या आंशिक उपचार खोज निकाले गए।
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