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योगेश हत्याकांड का 36 घंटे बाद भी खुलासा नहीं

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सरसावा (सहारनपुर)। ग्राम झबीरण में किसान की अपहरण के बाद हत्या का सरसावा पुलिस 36 घंटे बाद भी खुलासा करने में नाकाम रही है। हत्या के खुलासे के लिए स्वाट टीम को साथ लगाया है। स्वाट टीम को कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। इससे हत्याकांड से जल्द ही पर्दा उठने के आसार नजर आ रहे हैं।
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बुधवार सुबह ग्राम झबीरण में किसान योगेश का शव उसके खेत में नलकूप के पास बरामद हुआ। योगेश शव मिलने से 24 घंटे पहले मंगलवार की सुबह सात बजे से अपने दूसरे खेत से गायब था। हालांकि जानकारी मिलने पर सरसावा पुलिस ने ग्रामीणों को साथ लेकर खोजबीन कराई, लेकिन पुलिस लापता किसान को जिंदा खोज नहीं पाई और बुधवार को मृतक के ही दूसरे खेत से उसका शव बरामद हुआ। योगेश की सीने में गोली मारकर हत्या की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एसओ सरसावा प्रमोद कुमार ने योगेश के मोबाइल की लोकेशन निकलवाई और उसके आधार पर उसकी खोज करते रहे। जबकि योगेश का शव मिलने के बाद उसकी जेब से वही मोबाइल भी बरामद हो गया। इसके आधार पर खोजबीन की जा रही है और मोबाइल मिलने के बाद भी लोकेशन पुरानी स्थिति ही दर्शाती रही। पुलिस की कार्यप्रणाली से खफा ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस सही लोकेशन बता देती तो योगेश की जान बच सकती थी। पुलिस अभी तक हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी है। जबकि हत्या को 36 घंटे से भी अधिक समय बीत चुका है।
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एसओ सरसावा प्रमोद कुमार ने बताया कि हत्याकांड का जल्द खुलासा करने के लिए सरसावा पुलिस के साथ स्वाट टीम को लगाया है। मंगलवार सुबह सात बजे योगेश के एक खेत से लापता होने से लेकर 24 घंटे बाद बुधवार सुबह छह बजे दूसरे खेत में उसका शव मिलने तक की सारी कड़ी को जोड़कर स्वाट टीम हाथ कुछ सुराग हाथ लगे हैं । योगेश की हत्या में किसी ऐसे परिचित का हाथ है, जिसे गांव तथा खेतों के कच्चे तथा पक्के सभी रास्तों की जानकारी है, क्योंकि योगेश के गायब होने के स्थान से लेकर शव मिलने की जगह तक एक किमी से भी अधिक का फासला है और खेतों की अंदरूनी रास्तों की जानकारी के बिना वहां पहुंचना बेहद मुश्किल है।
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