सहारनपुर। कांवड़ यात्रा शुरू होने में मात्र नौ दिन बचे हैं, लेकिन कांवड़ मार्ग पर टूटी सड़कें और धूल के गुबार परेशानी का सबब बने हुए है। स्मार्ट सिटी के तहत सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों को दुरुस्त कराने का कार्य धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में इस बार शिव भक्तों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
दरअसल, स्मार्ट सिटी के तहत सीवर लाइन डालने के लिए अंबाला रोड और देहरादून रोड की खोदाई की गई, लेकिन सड़क को समतल नहीं बनाया गया और सिर्फ मिट्टी डाल दी गई। हालत इतनी खराब है कि दो दिन पूर्व हुई बारिश में कुछ देर बाद ही कांवड़ मार्ग पर कीचड़ फैल गया और जलभराव भी हुआ। इसी मार्ग से जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा के कांवड़िए जल लेकर लौटते हैं। मगर, टूटी सड़कों और धूल के गुबार की वजह से शिवभक्तों की डगर आसान नहीं होगी। वही, प्रशासन और नगर निगम सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा कर रहा है, लेकिन कार्य धीमी गति से होने की वजह से निर्धारित समय में काम पूरा होता नहीं दिख रहा है। ऐसे में दावे भी खोखले नजर आ रहे हैं।
कर चुके हैं व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग
दो दिन पूर्व जिला सहारनपुर शिव कांवड़ सेवा संघ के पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त से मिलकर कांवड़ यात्रा के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की मांग की थी। उन्होंने सड़कों को पक्का बनाए जाने, बिजली के खंभों से निकले तारों को ढकने, विद्युत फीडरों से 24 घंटे आपूर्ति देने और पथ प्रकाश की व्यवस्थाएं कराए जाने की मांग की थी।
10 लाख कांवड़ियों के आने का अनुमान
कोरोना की वजह से दो वर्ष कांवड़ यात्रा नहीं हो पाई, लेकिन इस बार कांवड़ यात्रा लेकर शिवभक्त उत्साहित हैं। वहीं, पुलिस-प्रशासन का अनुमान है कि इस बार 10 लाख से अधिक कांवडिए सहारनपुर के रास्ते से जल लेकर लौटेंगे।
कांवड़ मार्ग पर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है। निर्धारित समय में सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे। कांवड़ियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - गजल भारद्वाज, नगरायुक्त
घंटाघर का कच्चा कांवड़ मार्ग- फोटो : SAHARANPUR
घंटाघर का कच्चा कांवड़ मार्ग- फोटो : SAHARANPUR