सहारनपुर में ढमोला नदी किनारे एसटीपी के लिए होता निर्मा
सहारनपुर। ढमोला नदी के तट का स्तर टेंडर की शर्ताें के अनुरूप नहीं होने के चलते एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का कार्य छह महीने और लेट हो गया। काम शुरू करने के लिए एक नवंबर की तिथि मिली है, जिससे काम शुरू भी कर दिया गया है। एसटीपी तैयार करने के लिए दो साल का समय मिला है। यानी 31 अक्तूबर 2027 तक यह पूरा करना होगा।
महानगर से करीब 135 एमएलडी पानी निकालता है, जो शहर के बीच से गुजरने वाली पांवधोई नदी और ढमोला नदी को जहरीला बना रहा है। यह दूषित पानी पांवधोई और ढमोला नदी से होते हुए हिंडन, उसके बाद यमुना और यमुना के बाद गंगा नदी को दूषित बना रहा है। ऐसे में महानगर में बड़ा एसटीपी बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। करीब पांच साल पहले 135 एमएलडी का एसटीपी पास हुआ था, लेकिन जमीन चिह्नित नहीं हो पाने की वजह से इसमें देरी लगी।
करीब छह महीने पहले काम शुरू कर दिया गया था, लेकिन टेंडर में नदी के तट (जिस जगह एसटीपी बनना है) का स्तर जो दर्शाया गया था वास्तव में उससे तीन मीटर गहरा निकला। ऐसे में कार्यदाई संस्था ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद डीपीआर सहित अन्य कागजी कार्रवाई दोबारा शुरू की गई। अब एक नवंबर से काम शुरू किया गया है।