सहारनपुर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे को लेकर यहां के वुडकार्विंग उद्योग से जुड़े निर्माता और निर्यातकों को भी काफी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि यदि अमेरिका और भारत के संबंध और मधुर होंगे और आपसी व्यापार समझौते बढ़ेंगे तो निश्चित रूप से कम से कम 20 फीसदी निर्यात बढ़ सकता है। खाड़ी देशों में गृह युद्ध के हालात के बाद वुडकार्विंग उद्योग की अमेरिका पर निर्भरता बढ़ी है। मौजूदा समय में अकेले अमेरिका में ही कुल कारोबार का आधा 500 करोड़ सालाना का कारोबार अमेरिका पर ही निर्भर है। वुडकार्विंग उद्यमी और निर्यातक वहां सब्सिडी से लेकर सुविधाओं तक में अतिरिक्त प्रोत्साहन चाहते हैं।
एक्साइज ड्यूटी पर नीति बदलें ट्रंप
- वुडकार्विंग निर्यातक इरफान उल हक कहते हैं कि इस समय अमेरिका में जाने वाले वुडकार्विंग उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी लगती है। पहले अमेरिका ने भारत सहित अन्य विकासशील देशों को इससे मुक्त रखा हुआ था। इससे अमेरिका में हमारे उत्पाद पहले से 10 से 20 फीसदी तक महंगे बिक रहे हैं। कुछ समय तक अमेरिका में मंदी का अधिक असर रहा। इसके चलते उनके उत्पादों की बिक्री पर भी आंशिक असर पड़ा। हम तो यही चाहते हैं कि अमेरिका फिर से पहले जैसी राहत दे।
अमेरिका में वुडकार्विंग उत्पादों को मिले तरजीह
निर्यातक मोहम्मद औसाफ कहते हैं कि यदि अमेरिका चाहे तो यहां के वुडकार्विंग उद्योग को अधिक गति दे सकता है। इसलिए जो वुडकार्विंग उद्यमी या निर्यात अमेरिका के राज्यों में जाकर अपने उत्पादों का प्रमोशन और सेल करना चाहते हैं। उन्हें वहां सब्सिडी दी जाए। वहां वुडकार्विंग एक्सपो के अवसर दिए जाएं। वेयरहाउस या सेल एजेंसी तैयार करें। इससे वुडकार्विंग उत्पाद अधिक से अधिक अमेरिकी लोगों तक पहुंचेंगे। कारोबार और निर्यात बढ़ेगा। लैब टेस्टिंग के नियमों को आसान किया जाए।
इस दौरे के बाद अधिक व्यापार की उम्मीद
वुडकार्विग उद्यमी उमेश सचदेवा का कहना है कि खाड़ी देशों में जब से गृह युद्ध के हालात रहे हैं तब से अमेरिका ने ही वुडकार्विंग उद्योग को संभाला है। अकेले अमेरिका में ही 500 करोड़ से अधिक का सालाना निर्यात हो रहा है। इसलिए अमेरिका व्यापार नीति के मामले में जो भी निर्णय लेगा, उसका असर यहां भी पड़ सकता है। यदि पीएम मोदी अमेरिका को विश्वास में लेकर बेहतर और बड़े व्यापार समझौते कर पाते हैं तो यह देश के लिए बेहतर होगा। हो सकता है कि वुडकार्विंग उद्योग को भी गति मिले।
प्रमुख देशों में यह है वुडकार्विंग निर्यात की स्थिति
- वुडकार्विंग का कुल कारोबार 1400 से 1500 करोड़ रुपये
- वुडकार्विंग का कुल निर्यात 900 से 1000 करोड़ रुपये
- अमेरिका के राज्यों में निर्यात 400 से 500 करोड़ रुपये
- आस्ट्रेलिया में निर्यात 100 से 150 करोड़ रुपये
- जर्मनी में निर्यात 150 से 160 करोड़ रुपये
- स्पेन में निर्यात 100 से 150 करोड़ रुपये
- खाड़ी देशों सहित अन्य जगहाें पर 100 करोड़ रुपये