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कोरोना काल में वुडकार्विंग उद्यमियों को मिली संजीवनी

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सहारनपुर। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडक्रॉफ्ट्स (ईपीसीएच ) की ओर से इतिहास में पहली बार कराए गए 49वें संस्करण के वर्चुअल मेले ने वुडकार्विंग उद्यमियों और निर्यातकों को कोरोना काल में बड़े निवेश की संजीवनी दी है। वुडकार्विंग निर्यातकों को उम्मीद है कि इस मेले में विदेशी ग्राहकों की भागीदारी और उनसे हुई सीरियस बिजनेस इंक्वायरी के बाद 300 करोड़ से अधिक का निवेश हो सकता है। कोरोना महामारी के बीच यह आयोजन बड़ा चुनौतीपूर्ण था, मगर इसके परिणाम बेहद उत्साहजनक रहेंगे।
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जिले के वुडकार्विंग निर्यातक मोहम्मद आरिफ ने बताया कि 13 से 19 जुुलाई तक चले वर्चुअल मेले में देश के कोने कोने से 1300 से ज्यादा निर्माताओं और निर्यातकों ने हिस्सा लिया। इसमें 108 देशों के करीब 4150 ओवरसीज बायर्स, बाइंग एजेंट्स, डोमेस्टिक रिटेल वाल्यूम बायर्स पहुंचे। इनकी ओर से होम डेक्योर, लाइफ स्टाइल, फैशन, फर्नीचर, टेक्सटाइल सहित अन्य श्रेणी के हत्सशिल्प उत्पादों की खरीद के लिए इंक्वायरी की गई। उन्होंने बताया कि इस मेले में यूूरोप से 1050, उत्तरी अमेरिका से 750, आसियान क्षेत्र के 525, एशियाई देशों के 350, दक्षिणी अमेरिका के 255, खाड़ी देशों के 250 और अफ्रीका के 202 विदेशी कारोबारियों ने शिरकत की। इन देशों से जुड़ी प्रमुख और नामी कंपनियों की ओर से अब आने वाले दिनों में बड़ी डील्स की उम्मीद है। कोरोना काल में यह निवेश वुडकार्विंग उद्यमियों, निर्यातकों और लाखों हस्तशिल्प कारीगरों के भविष्य को भी नई चमक देगा। वहीं गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड ने आईएचजीएफ दिल्ली मेले के 49वें संस्करण को पहले हस्तशिल्प वर्चुअल ट्रेड फेयर के तौर पर प्रमाणित किया है।
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