सहारनपुर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय उत्पादों पर टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा ने वुड कार्विंग निर्यातकों की बेचैनी बढ़ा दी है।
असमंजस में फंसे निर्यातकों ने करीब 300 करोड़ रुपये के निर्यात ऑर्डर होल्ड हो गए हैं। इससे उद्यमियों और हस्तशिल्पियों में बेचैनी है।
दरअसल, रूस एवं यूक्रेन युद्ध एवं इस्राइल एवं हमास की जंग के चलते मंदी से जूझ रहे काष्ठ हस्तशिल्प उद्योग के लिए अमेरिका की टैरिफ लगाने की घोषणा ने मुसीबत और बढ़ा दी है।
अमेरिका के कई आयातकों ने करीब 250 से 300 करोड़ रुपये के ऑर्डर होल्ड पर कर दिए हैं। अमेरिकी ग्राहक इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि भारतीय उत्पादों पर कितना टैरिफ लगेगा। इसके बाद ही वह काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के मूल्य को तय करेंगे।
निर्यात ऑर्डर स्थगित होने से निर्यातकों से लेकर हस्तशिल्पियों में बेचैनी है।
जनपद के कुल काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात का 50 प्रतिशत अमेरिका होता है। बता दें, कि जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की दुनिया के कई देशों में खासी मांग है। सहारनपुर के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का वार्षिक कारोबार लगभग 1300 से 1600 करोड़ रुपये का है। इसमें सालाना 1100 से 1200 करोड़ रुपये का वार्षिक निर्यात भी शामिल है।