सहारनपुर के शब्बीरपुर में रासूका हटाने की मांग को लेकर सात दिन से भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं को पुलिस ने बिस्कुट खिलाकर आंदोलन समाप्त करा दिया।
इसके बाद थाना प्रभारी नागल जिलाधिकारी से वार्ता कराने के लिए महिलाओं को सहारनपुर ले गए। इससे पूर्व गांव में चली हड़ताल पर दो धड़ों में बंटे लोगों में रात्रि में जमकर कहासुनी हुई थी। उधर नानौता में भी भूख हड़ताल समाप्त करा दी गई।
शब्बीरपुर में बीती आठ नवंबर से प्रधान शिवकुमार, सोनू व भीम आर्मी के चंद्रशेखर से रासुका हटाने सहित 12 सूत्रीय मांग को लेकर पिछले सात दिनों से महिलाएं भूख हड़ताल कर रही थीं।
एसएसपी बबलू कुमार के निर्देश पर मामले को देख रहे नागल थाना प्रभारी छोटे सिंह ने मंगलवार की सुबह रविदास मंदिर पहुंचकर महिलाओं को बिस्कुट खिलाकर हड़ताल खत्म करा दी।
इसके बाद हड़ताल पर बैठी महिलाओं को डीएम से वार्ता कराने के लिए सहारनपुर ले जाया गया। महिलाओं का कहना था कि मांगें नहीं मानी गईं तो वह दोबारा भूख हड़ताल पर बैठने को बाध्य होंगी।
उधर सोमवार को गांव की शांति भंग होने पर कुछ लोगों के घरों पर कार्रवाई करने के लिए नोटिस चस्पा होने से एक वर्ग के ग्रामीण दो फाड़ हो गये थे। रात्रि में हड़ताल को लेकर दोनों पक्षों जमकर नोकझोंक हुई थी।
नानौता में भी भीम आर्मी के संस्थापक पर रासुका लगाने के विरोध में दो दिन से चल रहे भूख हड़ताल को दलित समाज की महिलाओं व पुरुषों ने प्रशासन के आश्वासन पर खत्म करा दिया।
सोमवार की देर शाम घरना स्थल पर पहुंचे थानाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह द्वारा भूख हड़ताल कर रहे लोगों को नोटिस देते हुए उनकी बात सरकार तक पहुंचाने के आश्वासन दिया। इसके बाद दलित समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
दलित समाज के लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चंद्रशेखर से रासुका नहीं हटी तो दोबारा से शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन करेंगे।