किसान को गन्ने की पौध बेचती महिला स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलाएं
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सहारनपुर। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं गन्ने की पौध तैयार कर अच्छी आय प्राप्त कर रही है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है। शरद कालीन गन्ने की तैयार की गई पौध से मंडल के 338 महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 5769 महिलाओं को गन्ना विभाग से 19692303 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। इतनी ही राशि उन्हें पौध खरीदने वाले किसानों से भी मिली है।
गन्ने की पौध तैयार कर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को न सिर्फ रोजगार मिल रहा है, बल्कि अच्छी आय भी प्राप्त हो रही है। इसमें महिलाओं को सिंगल बड से तैयार की गई पौध पर 2.60 रुपये मिलते हैं। जबकि बड चिप विधि से तैयार की गई प्रति पौध पर तीन रुपये मिलते हैं। इसमें से आधी राशि गन्ना विभाग से अनुदान के रूप में और आधी राशि पौध खरीदने वाला किसान देता है। पौध तैयार करने में आई लागत निकालकर प्रति पौधा 50 पैसे से एक रुपये तक का मुनाफा हो जाता है।
फसल अगेती एवं अधिक फुटाव
महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं गन्ना पौध तैयार करने के लिए बड चिप और सिंगल बड विधि का प्रयोग करती हैं। इससे रोग रहित पौध तैयार करने में मदद मिलती है। किसान इस पौध को खेत में कूंड़ निकालकर उचित दूरी पर रोप देते हैं। इससे फसल करीब एक माह अगेती हो जाती है। साथ ही फसल में फुटाव भी अपेक्षाकृत अधिक होता है।
पौध तैयार करने की विधि
गन्ने की पौध तैयार करने के लिए बड चिप एवं सिंगल बड विधि का प्रयोग होता है। गन्ने की आंख को एक यंत्र की सहायता से निकालकर ट्रे में कॉयर पिट में लगाते हैं। इसे पौध तैयार करने की बड चिप विधि कहा जाता है। सिंगल बड विधि में गन्ने की आंख वाला छोटा टुकड़ा काटकर ट्रे में रोपा जाता है। इससे कम बीज से अधिक पौध तैयार होती है।
गन्ना विभाग स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को पहले गन्ना पौध तैयार करने के लिए प्रशिक्षित करता है। महिलाओं को एक पौध पर 50 पैसे से लेकर एक रूपये तक का मुनाफा हो जाता है। मंडल में शरदकालीन गन्ने की पौध तैयार करने पर 5769 महिलाओं को गन्ना विभाग से 19692303 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। इतनी ही राशि उन्हें किसानों से भी मिली है - डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।
मंडल में महिला स्वयं सहायता समूह
जनपद महिला समूह महिलाएं
सहारनपुर 100 1089
मुजफ्फरनगर 169 3897
शामली 69 783
नोट: उप गन्ना आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार।