सहारनपुर। परिवार नियोजन के मामले में जनपद में महिलाएं पुरुषों से काफी आगे हैं। बीते तीन साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनसंख्या नियंत्रण में महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा उन्होंने परिवार नियोजन के मामले में चिकित्सा विभाग की लाज भी बचाई है। उन्हीं की वजह से विभाग लक्ष्य के आसपास पहुंच सका।
वर्ष 2020-21 में कुल नसबंदी 1,852 नसबंदी हुई थी। इनमें महिला 1,828, जबकि पुरुष नसबंदी केवल 24 थी। वर्ष 2021-22 में कुल नसबंदी 2,302 हुई थी, जिनमें 2,194 महिलाओं ने नसबंदी कराई थी, जबकि नसबंदी कराने वाले पुरुष मात्र 108 थे। वर्ष 2022-23 में अभी तक 108 महिलाएं नसबंदी करा चुकी हैं, जबकि पुरुष केवल 25 हैं। मौजूदा वर्ष 2022-23 में लक्ष्य की बात करें तो 2,956 महिलाओं 70 पुरुषों की नसबंदी का लक्ष्य है। कॉपर-टी 8,900 और छाया गोली 56,616 का लक्ष्य विभाग को मिला है। माला-एन की गोली 1,00000 का लक्ष्य है।
शुरू हुआ जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा
सहारनपुर। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा 11 से 24 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें जनसंख्या स्थिरता के लिए नि:शुल्क सेवाओं की जानकारी महिला और पुरुषों को देंगी। सोमवार को जिला महिला चिकित्सालय में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया। इस दौरान पखवाड़े का शुभारंभ नगर विधायक राजीव गुंबर ने किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने कहा कि हमारी जनसंख्या इतनी बढ़ गई है कि आगे जीवन यापन करना बहुत मुश्किल होगा। इसलिए सरकार द्वारा कईं कार्यक्रम चला रही है, जिनका लाभ लोगों को लेना चाहिए। उन्होंने लोगों से परिवार नियोजन के लिए चल रही नि:शुल्क सेवाओं का लाभ लेने की अपील की। राजीव गुंबर ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनसंख्या इतनी अधिक है कि कई देश जनसंख्या के मामले में इससे पीछे हैं।