फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से महिला की मौत, 76 नए संक्रमित मिले

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। कोरोना से 75 वर्षीय महिला की राजकीय मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। महिला को दिल और किडनी की बीमारी के साथ ही शुगर की भी समस्या थी। इसके साथ ही जनपद में कोरोना से मरने वालों की संख्या 137 हो गई है। उधर, शनिवार को जनपद में 76 कोरोना संक्रमित भी मिले।
विज्ञापन

गुरुद्वारा रोड निवासी 75 वर्षीय महिला को खांसी और जुकाम की शिकायत थी। उन्होंने जिला अस्पताल में जांच कराई थी, जहां उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। खांसी और बुखार के चलते उनको तीन अप्रैल को राजकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया था। दिल और किडनी की बीमारी होने के चलते उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। ऑक्सीजन का स्तर कम था, जिसके चलते उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती किया गया था। सेहत में लगातार गिरावट आने की वजह से शनिवार को उनका निधन हो गया। उनको पूरी सुरक्षा के साथ अस्पताल से सीधे श्मशान घाट भेजा गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। जनपद में कोरोना से यह 137 वीं मौत रही। उधर, शनिवार को जनपद में 76 कोरोना संक्रमित मिले। इनके साथ ही जनपद में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 10876 हो गई है। शनिवार को कोरोना के 46 मरीज ठीक भी हुए हैं। वर्तमान में जनपद में कोरोना के 603 एक्टिव मरीज हैं।
कोरोना के 90 फीसदी मरीजों में कोई लक्षण नहीं
कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। खास बात यह है कि जनपद में संक्रमित आ रहे मरीजों में 90 फीसदी से अधिक लोगों में किसी प्रकार के लक्षण नहीं हैं। यही वजह है कि उन्हें होम आइसोलेट किया जा रहा है।
विज्ञापन

जनपद में शनिवार को 603 एक्टिव मरीज थे। इनमें से 41 मरीज राजकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। 41 मरीजों में से सात मरीजों को ऑक्सीजन लेवल कम होने तथा अन्य समस्याओं के चलते आईसीयू में रखा गया है। बाकी 34 मरीज कोविड वार्ड में भर्ती हैं। शेष 562 मरीजों को उनके घरों पर ही आइसोलेट किया गया है। क्योंकि कोविड-19 के दिशा निर्देशों के अनुसार केवल लक्षण वाले मरीजों जैसे बुखार, खांसी, जुकाम या गंभीर मर्ज वाले मरीजों को ही कोविड अस्पताल में रखने की अनुमति है, जबकि बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेट करने का नियम है। सीएमओ डॉ. बीएस सोढी ने भी 90 फीसदी से अधिक मरीजों में लक्षण नहीं होने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें