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शिविर लगवाने के इच्छुक, केंद्र पर जाने को तैयार नहीं

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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। जागरूकता के अभाव में कोरोनारोधी वैक्सीन लगवाने में ग्रामीण क्षेत्र के लोग पिछड़ रहे हैं। कोई बुखार चढ़ने जैसी भ्रांति से घिरा है तो कोई स्वास्थ्य केंद्र को दूर बता रहा है, जबकि वैक्सीन लगवानी हर व्यक्ति के लिए जरूरी है, क्योंकि संक्रमण की चेन तोड़ने में यह कारगर है। लिहाजा लोगों को खुद आगे आकर वैक्सीन लगवानी चाहिए।
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विकास खंड साढ़ौली कदीम के मुस्लिम बाहुल्य गांव रायपुर में 3830 वोटर हैं। प्रभारी एएनएम अनु बेग के अनुसार गांव में 45 साल से ऊपर की उम्र के 1040 लोग हैं, इनमें से मात्र 98 लोगों ने टीका लगवाया है। सोमवार को गांव में दूसरी बार कैंप लगाकर वैक्सीनेशन किया जा रहा है।
टीकाकरण कराने वाले 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या भी नाममात्र की ही है। गांव में 18 प्लस का अभी तक एक भी कैंप नहीं लगा और यहां से टीकाकरण केंद्र की दूरी साढ़ौली कदीम 12 किमी और बेहट 14 किमी है। ग्रामीणों ने कहा स्वास्थ्य केंद्रों आने जाने में पूरा दिन लगता है।
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रायपुर स्थित जामा मस्जिद की कमेटी के सदस्य राव जमील अहमद ने बताया कि उन्हें अभी तक किसी ने गांव में लगने वाले टीकाकरण शिविर की जानकारी नहीं दी है। ऐसे में वे भी टीका नहीं लगवा पाए। कोरोना का टीका सभी को लगवाना चाहिए।
ग्राम प्रधान राव कादिर का कहना है कि वे मस्जिद से एनाउंस कराकर टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास करेंगे। साथ ही उनका सुझाव है कि टीकाकरण कैंप की एक दिन पहले जानकारी दी जानी चाहिए।
समाजसेवी राव आरिफ का कहना है कि गांव से स्वास्थ्य केंद्र काफी दूर है और 18 प्लस के लिए यहां कोई कैंप नहीं लगा है। ऐसे में युवा चाह कर भी टीकाकरण नहीं करा पा रहा है। उन्होंने पंजीकरण तो करा रखा है, लेकिन स्लाट बुक नहीं हुआ है।
वसीम मलिक का कहना है कि बुजुर्गों में कुछ भ्रांतियां हैं, लेकिन उन्हें बातचीत से दूर किया जा रहा है। गांव में नियमित रुप से कैंप लगाया जाना चाहिए, ताकि ज्यादा लोग टीकाकरण करा सकें।
क्षेत्र के गांवों में प्रतिदिन कैंप लगाकर कोविड वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी, प्रधान, राशन डीलर की मदद से लोगों को जागरूकता किया जा रहा है। कोरोना को हराने के लिए शत प्रतिशत वैक्सीनेशन कराने का प्रयास कर रहे हैं। - नितिन कदवाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी, साढ़ौली कदीम।
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