सहारनपुर में विधानसभा चुनाव 2017 में पहली बार मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाएगा। चुनाव आयोग का मानना है कि ऐप और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से एक ओर जहां राजनीतिक दलों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी, वहीं काम में भी समय कम लगेगा।
शुक्रवार को जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम शफकत कमाल ने पत्रकार वार्ता कर इस सबकी जानकारी दी। डीएम ने बताया कि विधान सभा चुनाव में ऐप अहम भूमिका निभाएगा।
बताया कि पहले राजनीतिक दलों को सभाओं की अनुमति के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। मगर इस बार ऐप जारी किया गया है। राजनीतिक दल ऐप पर सभा की अनुमति लें सकेंगे, जिसका प्रिंट निकलवाकर उन्हें अपने पास रखना होगा।
बताया कि अपने घरों से दूर नौकरी करने वाले ऐसे लोग, जो वोट डालने के लिए नहीं आ सकते थे। उनको डाक द्वारा अपना वोट डालना होता था, जिसमें समय लगता था। मगर इस बार एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है।
इसके जरिये ऑनलाइन पोस्टल बैलेट पेपर काम करेगा। मेल के जरिये वोटर अपना वोट डाल सकेंगे। मतगणना में भी सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गणना होगी। उसके बाद ही ईवीएम के वोटों की गिनती होगी।
वीवी पैड में देख सकेंगे अपना वोट
लोकसभा और विधान सभा चुनावों में कई साल से ईवीएम (इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन) का इस्तेमाल हो रहा है। अक्सर कुछ लोग ईवीएम पर सवाल उठाते रहे हैं। आरोप रहता है कि मशीन के साथ खिलवाड़ कर दल विशेष को लाभ पहुंचाया जाता है।
चुनाव आयोग ने इस भ्रम को दूर करने के लिए वीवी पैड चुनावी मैदान में उतारा है। यह वीवी पैड मतदान के दौरान बैलेट यूनिट की बगल में रखा जाएगा। जब आप किसी दल को वोट करने के लिए बटन दबाएंगे तो आप इस वीवी पैड पर उस पार्टी का चिन्ह देख सकेंगे,
जिससे यह साफ हो जाएगा कि आपका वोट उसी दल को गया है, जिसे आपने दिया है। स्क्रीन पर यह चिन्ह सात सेकेंड तक रहेगा। साथ ही एक स्लिप भी मशीन में कटकर अंदर बॉक्स में चली जाएगी, जो उसी में सुरक्षित रहेगी।
मतगणना में गड़बड़ी की आशंका होने पर भी इस मशीन में पड़े वोटों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पत्रकार वार्ता में एडीएम-प्रशासन एसके दुबे, एडीएम-वित्त एवं राजस्व हरीशचंद्र, नगरायुक्त ओपी वर्मा, एसडीएम राम विलास यादव थे।