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आज लेंगे धम्म दीक्षा, नहीं निकालेंगे शोभायात्रा

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सहारनपुर। शब्बीरपुर गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों ने 25 फरवरी को संत रविदास की जयंती पर प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए रूट से शोभायात्रा निकालने से इनकार कर दिया है। वहीं, सोमवार को बौद्ध धर्म अपनाने के लिए धम्म दीक्षा लेंगे। इन लोगों का कहना है कि प्रशासन ने दूसरे वर्ग के दबाव में आकर परंपरागत रूट से शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी है।
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अनुसूचित जाति वर्ग के सुदेश कुमार, मनवीर सिंह, दलीप कुमार, श्रीकांत, मीनाक्षी, अग्नि भास्कर, सौराज सिंह आदि ने बताया कि गांव में परंपरागत मार्ग से कई दशक से शोभायात्रा निकलती आई है। 2017 में हुई जातीय हिंसा के बाद प्रशासन ने शोभायात्रा का मार्ग परिवर्तित कर दिया, जबकि वह लोग परंपरागत मार्ग से ही शोभायात्रा निकालना चाहते हैं। आरोप है कि अधिकारियों ने जो रूट निर्धारित किया है, उस रूट पर दूसरे वर्ग के उन्हीं लोगों के मकान हैं जिनसे विवाद हुआ था। उनका कहना है कि परंपरागत रूट पर सभी वर्गों के लोगों के मकान है, इसलिए परंपरागत रूट से ही शोभायात्रा निकालने की अनुमति देनी चाहिए। इन लोगों ने बताया कि कूटरचित तरीके से रूट निर्धारण करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को वह सभी लोग बौद्ध धर्म अपनाएंगे और धम्म दीक्षा लेंगे, जिसके लिए बौद्ध भिक्षु गांव में पहुंचेंगे।
25 फरवरी को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट
गांव शब्बीरपुर में 25 फरवरी को संत रविदास की जयंती पर शोभायात्रा निकाली जाती थी। इस बार अनसूचित जाति वर्ग के लोग प्रशासन द्वारा निर्धारिट रूट से शोभायात्रा निकालने से इनकार कर रहे हैं। इसको लेकर किसी भी तरह के विवाद की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है और 25 फरवरी को गांव शब्बीरपुर में पुलिस के साथ ही पीएसी भी तैनात रहेगी। उच्चाधिकारी भी स्पष्ट कह चुके हैं कि निर्धारित रूट से ही शोभायात्रा निकलने दी जाएगी और विवाद नहीं होने दिया जाएगा।
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