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निर्यात पर पाबंदी के बाद गेहूं के भाव में आई 80 रुपये की गिरावट

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सहारनपुर। भारत सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का असर मंडी में दिखने लगा है। 13 मई को 2120 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाले गेहूं का भाव सोमवार को 2040 रुपये तक पहुंच गया है। निर्यात पर प्रतिबंध की घोषणा के तीन दिन में ही गेहूं के भाव में करीब 80 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ गई है। हालांकि गेहूं का भाव अभी भी सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक है।
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मौजूदा सीजन के लिए सरकार ने 2015 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर रखा है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से गेहूं का भाव कम न मिले इसके लिए सरकार विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से खरीद कराती है। जनपद में इस बार भी 92 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन मंडी में अधिक भाव मिलने के चलते किसान सरकारी क्रय केंद्र की बजाए मंडी या ग्राम व्यापारियों को गेहूं बेच रहे हैं। इसके चलते जनपद में गेहूूं की सरकारी खरीद नाममात्र की हो रही है। मंडी का मौजूदा भाव अभी भी सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक है। इसलिए अभी सरकारी खरीद में इजाफा होने की उम्मीद कम ही है।
भाव गिरा तो आवक भी घटी
गेहूं के भाव में गिरावट का असर मंडी में गेहूं की आवक पर भी पड़ रहा है। 13 मई को सहारनपुर मंडी में 4418 क्विंटल गेहूं आया था। 14 मई को 4032 क्विंटल और सोमवार को 3648 क्विंटल गेहूं बिक्री के लिए आया। तीन दिनों में दैनिक आवक में करीब 770 क्विंटल की कमी आ गई है। इस सीजन में सहारनपुर मंडी में अब तक 1,20,166 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।
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निर्यात पर पाबंदी से मांग में कमी
सहारनपुर मंडी में गेहूं के थोक व्यापारी अनिल गोयल और विवेक का कहना है कि निर्यात पर पाबंदी का असर मंडी तक पहुंच गया है। इससे गेहूं के रेट गिर गए हैं। इसके चलते एक तो निर्यातकों के यहां जा रहे गेहूं की मांग में कमी आई है दूसरी मंडी में भी गेहूं की आवक घटी है।
लक्ष्य के मात्र पांच फीसदी ही हुई सरकारी खरीद
गेहूं की सरकारी खरीद के लिए जनपद में 92 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इस बार शासन ने जनपद को 1,16,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दे रखा है। एक अप्रैल से शुरू हुए इस सीजन में अब तक लक्ष्य का मात्र करीब पांच फीसदी ही गेहूं खरीदा जा सका है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी संजीव राय ने बताया कि मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक भाव होने से किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर नहीं आ रहे हैं। इसका असर गेहूं की सरकारी खरीद पर पड़ रहा है।
तीन दिनों में 80 रुपये की गिरावट
भारत सरकार ने 13 मई को गेहूं के निर्यात पर पाबंदी लगाने की घोषणा की थी। इसके बाद गेहूं के भाव भी कम होना शुरू हो गए। 13 मई को मंडी में जहां 2120 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बिका था वहीं 16 मई सोमवार को गेहूं का भाव 2040 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। --- अशोक गुप्ता, सचिव, सहारनपुर मंडी।
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